‘अर्नब’ का कहर: 140 किमी/घंटा की रफ्तार से टकराया तूफान, 60 ट्रेनें रद्द, कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

विशाखापत्तनम/भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में उठा अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के ठीक दक्षिण में तट को पार कर चुका है और अब पूरी तरह जमीन पर आ गया है। तूफान के असर से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में पेड़ उखड़ गए, सड़कें बाधित हुईं और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। राहत की बात यह रही कि, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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सुबह साढ़े छह बजे शुरू हुआ लैंडफॉल 

IMD के मुताबिक, तट से टकराने की प्रक्रिया सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुई। तूफान की रफ्तार धीमी होने के कारण यह प्रक्रिया कई घंटे तक चली। लैंडफॉल के दौरान तूफान के केंद्र में हवा की गति 115 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि झोंके 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचे। विभाग ने बताया कि, हवा की यह तीव्रता कुछ घंटे बनी रहने के बाद धीरे-धीरे कम होगी।

Cyclone Arnab

IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी ने बताया कि, तूफान शुरुआत में उत्तर-पश्चिम की ओर धीरे-धीरे बढ़ेगा और फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ेगा। इसके बाद यह छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते हुए ओडिशा के निकटवर्ती इलाकों को प्रभावित करेगा।

मंगलवार सुबह तक तूफान 15.9 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 84.8 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। उस समय यह विशाखापत्तनम से करीब 260 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से लगभग 300 किलोमीटर दूर था। आंध्र प्रदेश के मौसम विभाग की निदेशक के. नागरात्ना के अनुसार, तूफान 26 अक्टूबर की रात और तीव्र होकर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया था।

आंध्र प्रदेश में भारी बारिश 

अनाकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कोनासीमा जिलों के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। अनाकापल्ली जिले के कासिमकोटा मंडल के कन्नुरीपालेम में बुधवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में करीब 263 मिलीमीटर बारिश हुई, जो राज्य में सर्वाधिक है। विजयनगरम जिले के भोगपुरम में भी लगभग 263 मिलीमीटर और विशाखापत्तनम में 16वीं पुलिस बटालियन परिसर में करीब 260 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

विशाखापत्तनम के कन्वेंट जंक्शन पर रेलवे ट्रैक के नीचे बना सबवे पानी से लबालब हो गया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई। मछलीपट्टनम में कई सड़कों पर पानी भर गया और एक बड़ा अस्थायी शेड सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात बाधित रहा। काकीनाडा में गोल्लापालेम से द्राक्षारामम जाने वाली मुख्य सड़क पर कई पेड़ गिर गए। सड़क किनारे फंसी एक निजी बस को हटा लिया गया है, जबकि अन्य पेड़ों को हटाने का काम जारी है। विशाखापत्तनम में एयू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन के पास भी एक पेड़ उखड़ गया।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं। एक टीम के कमांडर ईश्वर राव गाडे ने बताया कि, हवा की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी, जिससे कई पेड़ गिरे और कुछ मकान प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि, निवासियों को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।

सरकार रही हाईअलर्ट पर

आंध्र प्रदेश सरकार मंगलवार रात से ही हाई अलर्ट पर है। रात 1:30 बजे से स्थानीय लोगों को मोबाइल अलर्ट भेजे जा रहे थे। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को समय रहते चेतावनी जारी करने और नुकसान कम करने के निर्देश दिए। प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद किए गए, समुद्र तट बंद कर दिए गए और तटीय सड़कों पर मंगलवार दोपहर से यातायात रोक दिया गया। बापटला के सूर्यलंका बीच को दो दिनों के लिए पर्यटकों के लिए बंद किया गया है और मछली पकड़ने की गतिविधियां भी रोकी गई हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने कहा कि, मंगलवार और बुधवार को पूरे राज्य में व्यापक बारिश की उम्मीद है।

NDRF के DIG मोहसिन शाहिदी ने बताया कि, NDMA और कैबिनेट सचिव स्तर पर बैठकें कर रणनीति बनाई गई। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश यनम में 31 NDRF टीमें तैनात की गई हैं।

ओडिशा के छह जिलों में रेड अलर्ट

तूफान का असर अब ओडिशा में दिखने लगा है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि, चक्रवात दोपहर बाद ओडिशा पहुंचेगा। सभी दक्षिणी जिलों पर असर की आशंका है, जिनमें मलकानगिरी सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है। सरकार अब तक 30,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुकी है और कुल 48,000 लोगों को निकालने का लक्ष्य रखा गया है।

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IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि, गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट की चेतावनी दी गई है। यहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंके 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। उत्तर ओडिशा के कुछ तटीय जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

मंगलवार से ही ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। राज्य के 16 जिलों में स्कूल बंद हैं। गंजाम के गोपालपुर बीच पर ऊंची लहरें उठती देखी गईं। कटक में तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं से दृश्यता बेहद कम हो गई, जबकि भुवनेश्वर में भी बारिश और तेज हवाएं शुरू हो गई हैं। पारादीप पोर्ट अथॉरिटी ने मछली पकड़ने वाली नावों को बंदरगाह में सुरक्षित आश्रय दिया है। खोरधा जिले में पर्यटक नाव सेवाएं तीन दिन के लिए रोक दी गई हैं। चिल्का झील के द्वीप पर स्थित मां कालीजाई मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद है।

ट्रेन और उड़ानें प्रभावित

खराब मौसम का असर परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा है। रेलवे ने साउथ कोस्टल रेलवे क्षेत्र में 60 ट्रेनें रद्द की हैं, जबकि दक्षिण मध्य रेलवे ने 11 प्रमुख ट्रेनें रद्द की हैं। ओडिशा में 50 ट्रेनें रद्द होने की जानकारी है।

हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है। एयर इंडिया ने 28 अक्टूबर के लिए दिल्ली-विजयवाड़ा-दिल्ली उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 13 उड़ानें रद्द की हैं, जिनमें विशाखापत्तनम को हैदराबाद, बेंगलुरु और विजयवाड़ा से जोड़ने वाली सेवाएं शामिल हैं। वाराणसी-बैंकॉक और बैंकॉक-विशाखापत्तनम उड़ानें भी रद्द हुई हैं। आकासा एयर ने दिल्ली-भोगपुरम और वापसी की उड़ानें रद्द की हैं, हालांकि बाकी उड़ानें सामान्य रहने की उम्मीद है।

कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में, 28 अक्टूबर को ओडिशा में, 28 और 29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में तथा 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में अगले 24 घंटे के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। झारखंड सरकार ने रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा में बुधवार और गुरुवार को स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं।

उत्तर भारत में भी असर दिखेगा। चक्रवात के बाहरी हिस्से और पश्चिमी विक्षोभ के मिलने की संभावना है, जिससे 29-30 अक्टूबर को दिल्ली-NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मध्यम से भारी बारिश और आंधी-तूफान आ सकते हैं। करवा चौथ पर आसमान में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है, साथ ही दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। राजस्थान में 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

हिमालयी क्षेत्र में भी चेतावनी है। नेपाल के अधिकारियों ने पर्यटकों को अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में न जाने की सलाह दी है, क्योंकि गुरुवार रात से शनिवार तक भारी बारिश, बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की आशंका जताई गई है।

‘मोन्था’ की बरसी के आसपास आया तूफान

काकीनाडा तट के लोगों में दहशत का माहौल रहा। संयोग से 29 अक्टूबर 2025 की आधी रात को इसी तट से भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ टकराया था। अब उसकी पहली बरसी के आसपास ‘अर्नब’ ने दस्तक दी है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें, अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले इलाकों व गिरे हुए पेड़ों या बिजली के तारों से दूर रहें। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में सड़कें साफ करने और बिजली बहाली के काम में जुटे हैं।

 

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