उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 23 जुलाई को अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन करेगी। इस संबंध में बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि ब्राह्मण अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को वोट नहीं देंगे। बसपा महासचिव एससी मिश्रा के नेतृत्व में 23 जुलाई को अयोध्या से ब्राह्मण समुदाय को जोड़ने और बसपा शासन में ही उनके हित सुरक्षित होने का आश्वासन देने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘मैंने अपनी पार्टी के सांसदों को संसद के मानसून सत्र में देश और लोगों के लाभ से संबंधित मामलों को उठाने का निर्देश दिया है। ऐसे कई मामले हैं जिन पर देश की जनता केंद्र सरकार से जवाबदेही चाहती है। विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए और केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराना चाहिए। तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के प्रति सरकार की उदासीनता बेहद दुखद है। बसपा सांसद ईंधन और रसोई गैस की कीमतों, मुद्रास्फीति और कोविड 19 टीकाकरण से संबंधित मामलों को संसद में उठाएंगे।’
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मायावती ने इससे पहले 11 जुलाई को महंगाई को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा था। उन्होंने लिखा था, ‘देश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस व दूध आदि जैसी रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतें जिस प्रकार से लगातार बढ़ रही हैं उससे महंगाई आसमान छूकर यहां के लोगों का जीवन दुखी व त्रस्त कर रही है, फिर भी सरकारें इसके प्रति गंभीर व चिन्तित नहीं हैं, क्यों? यह अति-दुःखद। देश में हर तरफ छाई गरीबी, बेरोजगारी व महंगाई आदि की समस्या से प्रभावी तौर पर निपटने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों को भी अपनी पूरी शक्ति व संसाधन इसके निदान में लगा देना जरूरी, ताकि देश को निराशा के माहौल से निकाल कर ‘विकास’ को सही पटरी पर लाया जा सके।’
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