नई दिल्ली: मकर संक्रांति के अवसर पर खिचड़ी का विशेष महत्व होता है। कुछ क्षेत्रों में तो यह त्योहार “खिचड़ी पर्व” के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग खिचड़ी खाते हैं और दान भी करते हैं। इस बार 14 जनवरी को एकादशी पड़ रही है, इसलिए कई लोग चावल नहीं खा पाएंगे। ऐसे में बिना चावल की खिचड़ी बनाना एक हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प है।

बिना चावल की खिचड़ी बनाने का तरीका
पहला स्टेप: अपनी पसंद की दाल लें। आमतौर पर खिचड़ी मूंग दाल से बनाई जाती है, लेकिन मकर संक्रांति के दिन काली उड़द दाल का विशेष महत्व है। आप मूंग या उड़द दाल में से कोई भी ले सकते हैं। आधा कप दाल और 1 कप दलिया तैयार रखें।
दूसरा स्टेप: एक कड़ाही में 2 चम्मच घी डालें। इसमें हींग और जीरा डालकर भूनें। अब दलिया डालकर हल्का सा भूनें और फिर दाल डालें। इसे कुछ देर तक भूनें। इसके बाद दोनों को कुकर में डालें और करीब 2 कप पानी डालकर पकाएं।
तीसरा स्टेप: खिचड़ी में स्वादानुसार नमक डालें, आधा चम्मच हल्दी और थोड़ा कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाएं। 3-4 सीटी लगाएं ताकि दाल और दलिया अच्छी तरह गल जाए। पानी की मात्रा इस बात पर निर्भर करेगी कि आप खिचड़ी गीली या थोड़ी सूखी पसंद करते हैं। कुकर खोलने के बाद बारीक कटा हरा धनिया डालें।
चौथा स्टेप: तैयार है बिना चावल वाली स्वादिष्ट खिचड़ी। इसे घी डालकर गरमागरम परोसें। यह न केवल एकादशी के दिन चावल खाने से बचाएगी, बल्कि मकर संक्रांति के खास स्वाद का आनंद भी देगी। हेल्दी होने के कारण यह वजन घटाने और पाचन के लिए भी लाभकारी है।
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