उत्तर प्रदेश के झांसी में पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश मुकेश झा को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस खौफनाक वारदात के पीछे की पूरी कहानी सामने आ गई है।
मुठभेड़ में इनामी बदमाश गिरफ्तार
पुलिस को सूचना मिली थी कि अनीता की हत्या का आरोपी मुकेश झा भगवंतपुरा इलाके के पास छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख मुकेश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से उसे दबोच लिया और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
मंदिर में रचाई थी शादी, फिर बढ़ने लगा विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब पांच साल पहले अनीता चौधरी ने 5 जनवरी को मुकेश झा से मंदिर में शादी की थी। उस समय अनीता पहले से शादीशुदा थी। दोनों कई वर्षों तक साथ रहे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनके रिश्तों में खटास आ गई थी। आए दिन झगड़े और मारपीट की घटनाएं होने लगी थीं। अनीता द्वारा दूरी बनाए जाने से नाराज मुकेश ने बदला लेने की ठान ली।
5 जनवरी की रात स्टेशन रोड पर मिला शव
5 जनवरी की रात करीब दो बजे स्टेशन रोड पर अनीता चौधरी का शव खून से लथपथ हालत में मिला था। घटनास्थल के पास ही उसकी ऑटो टैक्सी पलटी हुई पड़ी थी। शुरुआती जांच में पुलिस इस घटना को सड़क हादसा मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की पुष्टि होने के बाद मामला हत्या का निकला।
परिजनों के शक ने खोली हत्या की परतें
अनीता के परिजनों ने शुरुआत से ही मुकेश झा पर हत्या का शक जाहिर किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने अपनी कार बेतवा नदी पुल के पास खड़ी कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने उसी कार से हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद कर लिया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक प्यार में धोखा और रिश्तों में आई दरार ही इस खौफनाक हत्या की मुख्य वजह बनी। मंदिर में शादी करने वाला प्रेमी ही पांच साल बाद अनीता की जिंदगी का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया।
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