झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जिले की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को सड़क हादसा मान लिया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आई कि महिला की मौत गोली लगने से हुई है। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज
नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा निवासी 40 वर्षीय अनीता चौधरी का शव रविवार देर रात स्टेशन रोड पर संदिग्ध हालात में मिला था। शव के पास ही उनका ऑटो पलटा हुआ पड़ा था, जिससे पुलिस ने पहले इसे दुर्घटना का मामला मान लिया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की पुष्टि होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जांच की दिशा बदल दी गई।
दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने मृतका के पति की तहरीर पर अनीता के पूर्व परिचित मुकेश झा, उसके बेटे शिवम और रिश्तेदार मनोज झा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिवम और मनोज को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी मुकेश झा फरार है। एसएसपी ने मुकेश झा की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर विशेष टीमें गठित की हैं।
पुरानी दोस्ती बनी हत्या की वजह
एसएसपी ने बताया कि अनीता और मुकेश झा के बीच पिछले कई वर्षों से दोस्ती थी और दोनों साथ भी रहते थे, लेकिन बाद में रिश्तों में तनाव आ गया था। अनीता की बहन ने आरोप लगाया है कि मुकेश काफी समय से अनीता को परेशान कर रहा था और जान से मारने की धमकियां भी दे रहा था।
संघर्ष की मिसाल थीं अनीता चौधरी
अनीता चौधरी ने करीब पांच साल पहले परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए लोन पर ऑटो खरीदा था और दिन-रात मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर होने के कारण वह इलाके में प्रेरणा की मिसाल बन चुकी थीं। उनके साहस और जज्बे को देखते हुए तत्कालीन डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने उन्हें सम्मानित भी किया था। उनकी हत्या से पूरे जिले में आक्रोश और शोक का माहौल है।
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