पेटीएम के संस्थापक ने की सीएम योगी की जमकर तारीफ, बोले- शानदार डिसिजन मेकिंग से यूपी को मिल रही नई दिशा

नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शासन मॉडल अब सियासत तक सीमित नहीं रहा। कॉर्पोरेट जगत और बौद्धिक वर्ग में भी उनके नेतृत्व और निर्णय क्षमता की चर्चा तेज हो गई है। डिजिटल पेमेंट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा और चर्चित लेखक मृत्युंजय शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व की तुलना दुनिया के बड़े वैश्विक नेताओं से करते हुए उनकी कार्यशैली की खुलकर सराहना की है।

स्टीव जॉब्स जैसी स्पष्ट सोच और अनुशासन: विजय शेखर शर्मा
पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स से की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्टीव जॉब्स अपने फैसलों में स्पष्टता, अनुशासन और दूरदर्शिता के लिए जाने जाते थे, वही गुण योगी आदित्यनाथ के निर्णयों में भी साफ दिखाई देते हैं। विजय शेखर शर्मा के मुताबिक मुख्यमंत्री का फोकस तात्कालिक लोकप्रियता नहीं, बल्कि लंबे समय तक असर दिखाने वाली नीतियां और मजबूत सिस्टम खड़ा करने पर है।

ली कुआन यू मॉडल की झलक यूपी में: मृत्युंजय शर्मा
प्रसिद्ध लेखक मृत्युंजय शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन की तुलना सिंगापुर के संस्थापक नेता ली कुआन यू से की है। उनका कहना है कि जिस तरह ली कुआन यू ने कड़े प्रशासन और दूरगामी नीतिगत फैसलों के जरिए सिंगापुर को वैश्विक मॉडल बनाया, उसी तरह का प्रशासनिक ढांचा उत्तर प्रदेश में भी आकार लेता दिख रहा है। योगी आदित्यनाथ राज्य में अनुशासन, जवाबदेही और स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।

सुरक्षा, सुशासन और विकास पर आधारित योगी मॉडल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विकास विजन ‘सुरक्षा, सुशासन और समावेशी विकास’ के मजबूत आधार पर टिका है। उनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ की छवि से बाहर निकालकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था, ओडीओपी योजना, धार्मिक पर्यटन, सॉफ्ट पावर और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस
योगी आदित्यनाथ का विजन केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है। सरकार उत्तर प्रदेश को ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के वैश्विक मानकों पर स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। कठोर अनुशासन और नीतिगत स्पष्टता का यह संयोजन ही योगी मॉडल को अन्य राज्यों से अलग बनाता है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई देने लगी है।

 

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