नई दिल्ली: थाईलैंड से रूस के बार्नौल जा रहे एक रूसी यात्री विमान में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उड़ान के दौरान अचानक विमान में खतरे का अलार्म बज उठा। तकनीकी खराबी के संकेत मिलते ही पायलट ने आपात स्थिति घोषित कर दी। विमान में क्रू मेंबर्स समेत कुल 246 लोग सवार थे, जिनकी जान कुछ देर के लिए संकट में पड़ गई। हालांकि, चीन की मदद से विमान को सुरक्षित उतार लिया गया, जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।

बीच हवा में तकनीकी खराबी, घोषित किया गया आपातकाल
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, थाईलैंड के फुकेट से उड़ान भरने वाली रूसी फ्लाइट को बीच हवा में तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने आपातकाल घोषित किया और नजदीकी सुरक्षित हवाई अड्डे पर उतरने का फैसला लिया।
लैंझो एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया विमान
आपातकाल घोषित होने के बाद विमान को चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत के लैंझो झोंगचुआन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट किया गया। स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजकर 51 मिनट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस संबंध में चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने पुष्टि की है।
बोइंग 757-200 विमान में आई थी दिक्कत
जानकारी के अनुसार, ZF2998 फ्लाइट बोइंग 757-200 विमान से संचालित हो रही थी। संकट की रिपोर्ट मिलने के बाद चालक दल ने ट्रांसपोंडर कोड 7700 सेट किया, जो विमानन भाषा में गंभीर आपात स्थिति का संकेत होता है। इसके बाद तत्काल लैंझो में उतरने का निर्णय लिया गया।
दाहिने इंजन में खराबी से बनी आपात स्थिति
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विमान के दाहिने इंजन में आई खराबी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। विमान में 239 यात्री और 7 क्रू मेंबर्स सवार थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। लैंझो झोंगचुआन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रशासन यात्रियों और क्रू के लिए आगे की व्यवस्थाओं के समन्वय में जुटा हुआ है।
यात्रियों में मची अफरा-तफरी, बाद में मिली राहत
तकनीकी खराबी और अलार्म बजने के बाद विमान के अंदर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई थी। हालांकि, सुरक्षित लैंडिंग के बाद स्थिति सामान्य हुई और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
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