वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की बुकिंग शुरू, 22 जनवरी से आम यात्रियों को मिलेगा सफर का मौका; 26 जनवरी को WL तक पहुंची सीटें

नई दिल्ली: देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से सफर करने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। कामाख्या से हावड़ा के बीच शुरू हुई इस प्रीमियम ओवरनाइट ट्रेन में आम लोग 22 जनवरी से यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट पर टिकट बुकिंग शुरू कर दी गई है। वेबसाइट के अनुसार, खबर लिखे जाने तक 26 जनवरी के लिए कामाख्या से हावड़ा रूट पर 12 वेटिंग टिकट (WL12) भी दिख रहा है, जिससे यात्रियों में इस ट्रेन को लेकर जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा है।

किराया कितना और कितने घंटे का सफर
IRCTC की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कामाख्या से हावड़ा तक AC 3 श्रेणी का किराया 2435 रुपये, AC 2 का 3145 रुपये और AC फर्स्ट क्लास का किराया 3855 रुपये तय किया गया है। ट्रेन संख्या 27576 कामाख्या से शाम 6 बजकर 15 मिनट पर रवाना होगी और करीब 14 घंटे की यात्रा के बाद सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर हावड़ा पहुंचेगी। वहीं ट्रेन संख्या 27575 हावड़ा से शाम 6 बजकर 20 मिनट पर चलकर अगले दिन सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर कामाख्या पहुंचेगी। तय समय के अनुसार यह ट्रेन 14 घंटे में सफर पूरा करेगी, जिससे यह इस रूट की सबसे तेज ट्रेन बन जाएगी।

इन स्टेशनों पर रुकेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
कामाख्या से हावड़ा के बीच यह ट्रेन रंगिया जंक्शन, न्यू बोंगाईगांव, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू कूच बिहार, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, अलुबारी रोड, मालदा टाउन, न्यू फरक्का जंक्शन, अजीमगंज जंक्शन, कटवा, नबद्वीप धाम और बंदेल जंक्शन पर ठहराव के बाद हावड़ा पहुंचेगी। यात्री IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, रेल वन ऐप और अन्य अधिकृत प्लेटफॉर्म से टिकट बुक कर सकते हैं।

यात्रियों को मिलेगा प्रीमियम और हाई-क्वालिटी भोजन
भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए असम स्थित एक लग्ज़री हॉस्पिटैलिटी ब्रांड को कैटरिंग कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इसके साथ ही यह पूर्वोत्तर भारत की पहली हॉस्पिटैलिटी कंपनी बन गई है, जो इस प्रीमियम ओवरनाइट ट्रेन में यात्रियों को क्यूरेटेड क्यूज़ीन परोसेगी। कैटरिंग के तहत यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाला भोजन, क्षेत्रीय स्वाद और प्रीमियम डाइनिंग अनुभव मिलेगा। इस पहल को भारतीय रेलवे की प्रीमियम सेवाओं में विविधता और स्थानीय स्वादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

 

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