जियो IPO पर एनालिस्ट्स को भरोसा, लिस्टिंग पर 15-20% उछाल की उम्मीद

  • एमके रिसर्च ने दिया ‘सब्सक्राइब’ का सुझाव, ग्रोथ को देखते हुए वैल्यूएशन को बताया उचित 

  • 5G पर भारी खर्च का दौर थमने से कैश फ्लो बढ़ने की आस

  • जियो की अलग लिस्टिंग से RIL शेयरधारकों को वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद

मुंबई। जियो प्लेटफॉर्म्स का प्राइस बैंड घोषित होने के बाद आईं कईएनालिस्ट रिपोर्ट्स ने कंपनी के IPO पर भरोसा जताया है। बाजार जानकारों को लिस्टिंग के दिन करीब 15 से 20 फीसदी की शुरुआती तेजी की गुंजाइश दिख रही है। हालांकि, यह सिर्फ अनुमान है। असल लिस्टिंग बाजार के हालात और निवेशकों की मांग पर टिकी होगी।

16 अक्टूबर को जारी अपने IPO नोट में एमके रिसर्च ने जियो को ‘सब्सक्राइब’ की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि, कंपनी की बाजार में अगुवाई, कीमत तय करने की ताकत, मजबूत अमल और आगे के विकास के मौकों को देखते हुए मौजूदा प्राइस बैंड उचित है।

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इसी बीच, स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने भी जियो IPO को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। उसकी रिपोर्ट के मुताबिक,  FY26 की कमाई के आधार पर ऊपरी प्राइस बैंड पर जियो का P/E करीब 33.3 गुना है। वहीं भारती एयरटेल का 40.7 गुना। यानी इस पैमाने पर स्वास्तिका जियो को एयरटेल के मुकाबले करीब 18% कम वैल्यूएशन पर देखता है।

एक अलग वैल्यूएशन आधार पर कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स ने जियो की कीमत उसकी कमाई के करीब 33.5 गुना और भारती एयरटेल की करीब 38.9 गुना आंकी है। इस हिसाब से जियो करीब 14% सस्ती दिखती है। हालांकि एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी की आगे की कुछ ग्रोथ का असर मौजूदा कीमत में पहले से शामिल है।

एनालिस्ट्स के मुताबिक जियो के लिए एक बड़ी राहत यह है कि 5G नेटवर्क पर भारी निवेश का दौर अब काफी हद तक पूरा हो चुका है। एमके रिसर्च का कहना है कि FY24 से FY26 के बीच कंपनी का पूंजीगत खर्च, रेवेन्यू के 48.8% से घटकर 23.3% रह गया। FY26 में कंपनी का फ्री कैश फ्लो करीब ₹32,500 करोड़ रहा। रिपोर्ट का मानना है कि आगे बड़े निवेश की जरूरत घटने से जियो के पास ज्यादा नकदी बच सकती है।

लंबी अवधि में विशेषज्ञों की निगाह सिर्फ मोबाइल कारोबार पर नहीं टिकी है। होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज, क्लाउड, AI और अपनी तकनीक को विदेशी बाजारों तक पहुंचाना कंपनी के अगले ग्रोथ इंजन माने जा रहे हैं। एमके ने भी होम ब्रॉडबैंड को अगला बड़ा ग्रोथ ड्राइवर और कंपनी के इन-हाउस टेक्नोलॉजी स्टैक को अंतरराष्ट्रीय मौका करार दिया है।

जियो की अलग लिस्टिंग का असर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर भी नजर आया। 15 अक्टूबर को जियो का प्राइस बैंड आने के बाद RIL का शेयर करीब 3.4 फीसदी चढ़ गया। बाजार इस पर भी नजर रखे हुए है कि जियो की स्वतंत्र लिस्टिंग से RIL के शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक होने की संभावना और मजबूत हो सकती है।

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