रिपब्लिक टीवी के चीफ एडिटर अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के मामले ने राजनीतिक रूप लेना शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां मोदी विरोधी दल महाराष्ट्र पुलिस द्वारा किये गए इस कार्य की प्रसंशा करते नहीं थक रहे हैं, वहीं, मोदी सरकार के मंत्री अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी की आलोचना करते नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी इसकी जमकर आलोचना की है।

अमित शाह ने इस घटना को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए इमरजेंसी से जोड़ते हुए ट्वीट किया है कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने एक बार फिर लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया है। रिपब्लिक टीवी और अर्णब गोस्वामी के खिलाफ राज्य की शक्तियों का प्रयोग व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। इससे हमें इमरजेंसी के दिनों की याद आती है। आजाद प्रेस पर इस हमले का विरोध होना चाहिए और होगा।
इसके पहले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी इसका विरोध किया था। उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि हम महाराष्ट्र में प्रेस की स्वतंत्रता पर हुए इस हमले की आलोचना करते हैं। प्रेस का साथ बर्ताव करने का यह कोई तरीका नहीं है। इससे हमें इमरजेंसी के दिनों की याद आ रही है, जब प्रेस से ऐसा बर्ताव किया जाता था।
वहीं, शिव सेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र में कानून का राज है और वहां बदले की भावना से कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि जो कोई भी कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी।
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आपको बता दें कि अर्णब की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस ने बताया कि ‘रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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