ग्रीनलैंड पर घमासान के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, रूस को बताया खतरा; बोले- डेनमार्क 20 साल में भी कुछ नहीं कर पाया

न्यूयार्क: ग्रीनलैंड को लेकर चल रहे अंतरराष्ट्रीय विवाद के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा है कि डेनमार्क ग्रीनलैंड से जुड़े रूसी खतरे को दूर करने में पूरी तरह नाकाम रहा है और अब समय आ गया है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। ट्रंप ने यह बयान अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट के जरिए दिया।

NATO 20 साल से चेताता रहा, डेनमार्क रहा निष्क्रिय: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि NATO पिछले 20 वर्षों से डेनमार्क से कहता आ रहा है कि उसे ग्रीनलैंड से जुड़े रूसी खतरे को खत्म करना होगा, लेकिन दुर्भाग्य से इस दिशा में कुछ भी नहीं किया गया। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अब हालात बदलेंगे और यह किया जाएगा।

ग्रीनलैंड पर मालिकाना हक से कम पर नहीं मानेंगे ट्रंप
ट्रंप लगातार यह रुख दोहराते रहे हैं कि वे डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड के मालिकाना हक से कम किसी समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे। वहीं डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों के नेताओं ने एक सुर में कहा है कि यह द्वीप बिक्री के लिए नहीं है और वह अमेरिका का हिस्सा बनने को तैयार नहीं है।

ग्रीनलैंड खरीद तक टैरिफ बढ़ाने की धमकी
हाल ही में ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक टैरिफ का दबाव बनाया जाएगा। ट्रंप का कहना है कि चीन और रूस की बढ़ती मौजूदगी के चलते ग्रीनलैंड अमेरिकी सुरक्षा हितों के लिहाज से बेहद अहम हो गया है। वहीं डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देशों का कहना है कि ग्रीनलैंड पहले से ही NATO के सामूहिक सुरक्षा समझौते के दायरे में आता है।

ग्रीनलैंड में सड़कों पर उतरे लोग, ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी
ग्रीनलैंड को लेकर मचे बवाल के बीच यहां हजारों लोगों ने विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय झंडा लहराते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए और साफ कहा कि ‘ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है’। ट्रंप लंबे समय से यह दावा करते रहे हैं कि रणनीतिक रूप से अहम और खनिज संसाधनों से भरपूर इस द्वीप का अमेरिका के पास होना जरूरी है। इस महीने की शुरुआत में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद ट्रंप ने अपनी मांग और तेज कर दी थी।

पूर्व सांसद बोलीं- दोस्त बनकर आए, अब धमकी दे रहे
ग्रीनलैंड की पूर्व संसद सदस्य टिली मार्टिनुसेन ने ट्रंप प्रशासन के रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ट्रंप इस ‘पागलपन भरे विचार’ को छोड़ देंगे। टिली के मुताबिक, पहले ट्रंप खुद को दोस्त और सहयोगी के तौर पर पेश कर रहे थे, लेकिन अब सीधे तौर पर धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि NATO और ग्रीनलैंड की आजादी की रक्षा करना किसी भी तरह के टैरिफ दबाव से कहीं ज्यादा जरूरी है।

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