इजरायल-हमास के 70 साल के विवाद का अमेरिका ने दिया समाधान, फलस्तीन को दी बड़ी नसीहत

इजरायल और हमास के बीच 11 दिनों तक चले संघर्ष के बाद शुक्रवार से संघर्षविराम लागू हो गया। इसे लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि इजरायल और फलस्तीन के बीच जारी विवाद को सुलझाने के लिए द्वि-राष्ट्र समाधान की जरूरत है। बाइडेन ने इस बात पर जोर दिया कि फलस्तीनियों के लिए एक अलग राष्ट्र बनाकर द्वि-राष्ट्र समाधान ही दोनों के बीच संघर्ष को समाप्त कर सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि गाजा पट्टी की मदद के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

जो बाइडेन ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस न्यूज कॉन्फ्रेंस में कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी अभी भी इजरायल का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि वह दुआ कर रहे हैं कि इजरायल और हमास के बीच संघर्षविराम कायम रहे। बाइडे ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच 70 सालों से जारी विवाद को खत्म करने के लिए द्वि-राष्ट्र समाधान ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने इस बात का आश्वासन दिया कि गाजा पट्टी को इजरायली एयरस्ट्राइक से हुए नुकसान से उबारने के लिए राहत पैकेज को तैयार किया जाएगा। बाइडेन की यह टिप्पणी तब आई जब एक दिन पहले ही इजरायल और हमास के बीच मिस्र की मध्यस्थता में युद्धविराम की घोषणा के साथ 11 दिन से चला आ रहा संघर्ष समाप्त हुआ।

इजरायल और गाजा के बीच संघर्ष में मारे गए 248 लोग

इजरायल और फलस्तीन के बीच मध्यस्थता करवाने के लिए बाइडेन प्रशासन पर्दे के पीछे से काम कर रहा था। बाइडेन ने कहा कि सहायता को लेकर फलस्तीनी अधिकारियों के साथ समन्वय बनाया जाएगा, ताकि हमाम इस मदद के जरिए अपने सैन्य जखीरों को न बढ़ा ले। बता दें कि गाजा पट्टी पर चरमपंथी संगठन हमास का शासन है। इजरायल और हमास के बीच 11 दिनों तक चले संघर्ष में 248 लोगों की मौत हुई और 1900 से ज्यादा लोग घायल हुए। मानवीय अधिकारियों का कहना है कि गाजा को फिर से खड़ा करने में सालों का वक्त लगेगा और इसके लिए लाखों डॉलर का खर्च आने वाला है।

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इजरायल को एक स्वतंत्र देश के रूप में स्वीकारें फलस्तीनी: बाइडेन

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों पक्षों के चरमपंथियों से लड़ाई खत्म करने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों को सुरक्षा मुहैया कराना और गाजा में लोगों की मदद करना बेहद जरूरी है। बाइडेन ने इस बात पर भी जोर दिया कि अरब और यहूदी दोनों समुदायों के इजरायली नागरिकों के साथ एक समान व्यवहार किया जाना चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ बातों पर सीधे आया जाए। जब तक फलस्तीनी लोग स्पष्ट रूप से इजरायल को एक स्वतंत्र यहूदी राष्ट्र के रूप में स्वीकार नहीं करते हैं, तब तक शांति नहीं हो सकती है। हालांकि, बाइडेन ने ये नहीं बताया कि बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनकी क्या बात हुई थी। लेकिन कहा कि ये संघर्षविराम लागू रहने वाला है।