नई दिल्ली: भारत में सोना और चांदी सिर्फ धातु नहीं, बल्कि परंपरा, आस्था और निवेश का अहम हिस्सा माने जाते हैं। धनतेरस हो, शादी-ब्याह का मौसम हो या फिर कोई शुभ अवसर, सोना-चांदी खरीदना यहां आम बात है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि ज्वैलर या सोनार सोना और चांदी आपको लगभग हमेशा गुलाबी रंग के कागज में ही लपेटकर देता है? अधिकतर लोग इस पर ध्यान ही नहीं देते, लेकिन इसके पीछे की वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

गुलाबी कागज से क्यों बढ़ जाती है चमक?
मान्यता है कि गुलाबी रंग का बैकग्राउंड सोना और चांदी की नेचुरल चमक को और उभार देता है। खासकर चांदी गुलाबी कागज पर ज्यादा चमकदार और आकर्षक दिखाई देती है। यही वजह है कि ज्वैलर्स वर्षों से इसी रंग के कागज का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, ताकि गहनों की सुंदरता ग्राहक को पहली नजर में ही प्रभावित कर सके।
सिर्फ दिखावा नहीं, परंपरा और मनोविज्ञान भी जुड़ा है
गुलाबी रंग को भारतीय संस्कृति में खुशी, शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि इस रंग में लिपटा सोना-चांदी शुभ संकेत देता है और खरीदारी के समय सकारात्मक ऊर्जा का अहसास कराता है। यही कारण है कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।
खरोंच और दाग से बचाने का भी तरीका
सोना और चांदी मुलायम धातुएं होती हैं, जिन पर आसानी से खरोंच या दाग पड़ सकते हैं। कागज में लपेटने का एक बड़ा मकसद इन्हें सुरक्षित रखना भी है। जब कागज का इस्तेमाल करना ही है, तो ऐसा रंग चुना गया जो सुरक्षा के साथ-साथ चमक भी बढ़ा दे। गुलाबी कागज इस जरूरत पर पूरी तरह खरा उतरता है।
अब अगली बार जरूर याद आएगी ये बात
अगली बार जब आप ज्वैलरी शॉप पर जाएं और सोनार आपको गुलाबी कागज में सोना या चांदी थमाए, तो समझ जाइएगा कि यह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि सोच-समझकर अपनाई गई परंपरा है, जिसमें सुंदरता, सुरक्षा और शुभता तीनों का मेल है।
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