
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर 21 अक्टूबर को लखनऊ की पुलिस लाइन में होने वाली स्मृति परेड का समय इस बार बदल दिया गया है। परेड अब शाम को आयोजित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री शाम करीब पौने चार बजे पुलिस लाइन पहुंच सकते हैं।
आयोजन की तैयारियों को लेकर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए।
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बदल सकती है पीएसी की वर्दी
इस बार के आयोजन में सबसे ज्यादा चर्चा प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की वर्दी को लेकर है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में पीएसी की वर्दी में बदलाव को लेकर अहम घोषणा कर सकते हैं।

पीएसी की वर्दी को सिविल पुलिस से अलग और विशिष्ट पहचान देने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। इसके लिए सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) की वर्दियों के पैटर्न का अध्ययन किया गया है। अब इस संबंध में मुख्यमंत्री की ओर से आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जून में दिए गए थे निर्देश
मुख्यमंत्री ने चार जून को पीएसी, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और यूपीएसएसएफ के आधुनिकीकरण को लेकर समीक्षा बैठक की थी। बैठक में उन्होंने पीएसी की वर्दी को सिविल पुलिस से अलग करने की जरूरत पर जोर दिया था। इसके बाद नई वर्दी तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इसी वजह से 21 अक्टूबर की परेड को इस दिशा में अहम माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण घोषणा के आसार
कार्यक्रम में बदायूं में प्रस्तावित महिला पीएसी बटालियन को लेकर भी मुख्यमंत्री की ओर से महत्वपूर्ण घोषणा की संभावना है। चार जून की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बदायूं, लखनऊ और गोरखपुर में निर्माणाधीन महिला बटालियनों का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए थे। साथ ही बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई की अश्वारोही प्रतिमा लगाने को भी कहा गया था। ऐसे में आयोजन के दौरान इन परियोजनाओं से जुड़ी घोषणाओं पर भी सबकी नजर रहेगी।
शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस पर देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस मौके पर बलिदानी जवानों के स्वजन को सम्मानित करने का कार्यक्रम भी होगा। आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। परेड स्थल, स्मृति स्थल, मंच, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन समेत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
देशभर में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया जाता है। इस दिवस का ऐतिहासिक संबंध 21 अक्टूबर 1959 की घटना से है। उस दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 जवान बलिदान हो गए थे। उन्हीं की शहादत की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन
इस अवसर पर देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले जवानों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश की सुरक्षा में उनके योगदान को याद किया जाता है। यह दिन उन जवानों के प्रति सम्मान जताने का मौका है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वहन किया और देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
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