वैशाली नाव हादसा: राघोपुर में एक साथ उठीं 13 अर्थियां, गांव में पसरा मातम

हाजीपुर (वैशाली)। दशहरा, छठ और दीवाली की खुशियों के बीच वैशाली जिले में हुआ नाव हादसा कई परिवारों की दुनिया उजाड़ गया। राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्यामचंद पंचायत में मंगलवार रात हुई इस दर्दनाक घटना में 13 लोगों की डूबकर मौत हो गई, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। बुधवार को जब गांव में एक साथ कई अर्थियां उठीं, तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई। किसी घर में मां की सिसकियां गूंज रही थीं, तो कहीं पिता अपने बच्चे को खोने के गम में बेसुध पड़े थे।

इसे भी पढ़ें-बिहार के बाद अब दिल्ली की तैयारी, प्रशांत किशोर के प्लान से किसकी बढ़ेगी टेंशन?

गांव की गलियों से निकलीं अर्थियां

जिस गांव में कुछ घंटे पहले तक उत्सव का माहौल था, वहां अब मातम पसरा है। शोक में कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। गांव की गलियों से एक साथ कई अर्थियां निकलती देख मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं, जिन गलियों में कल तक बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब परिजनों की चीखें सुनाई दे रही हैं। गांव का शायद ही कोई व्यक्ति हो, जिसकी आंखें इस त्रासदी के बाद नम न हुई हों।

Vaishali boat accident B

हादसे की सबसे हृदयविदारक तस्वीर तब सामने आई, जब एक ही परिवार से सात शव उठे। दूसरे परिवार के पांच लोगों की मौत ने परिजनों को तोड़कर रख दिया, जबकि तीसरे परिवार का भी एक सदस्य इस हादसे में जान गंवा बैठा। एक साथ इतनी मौतों से पूरा गांव सदमे में है। अस्पताल में भी शोक माहौल रहा और मौके पर मौजूद अधिकारी भी दुखी नजर आये।

 बीच धारा में पलटी नाव

जानकारी के अनुसार, रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में एक घर पर भोज का आयोजन था। इसमें शामिल होने के लिए गांव के करीब 20 लोग एक छोटी और जर्जर नाव पर सवार होकर ढाब के दूसरी ओर जा रहे थे। बीच पानी में पहुंचते ही नाव अनियंत्रित होकर पलट गई और उस पर सवार लोग गहरे पानी में डूबने लगे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

बताया जाता है कि, नाव पर 20 से अधिक बच्चे और अन्य लोग सवार थे। नाव क्षतिग्रस्त होने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से डूबे लोगों की तलाश शुरू की गई। अब तक 13 शव निकाले जा चुके हैं। बुधवार को रेस्क्यू ऑपरेशन फिर शुरू किया गया।

 सरकारी थी नाव, कई बार दिए आवेदन

हादसे के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका आरोप है कि दुर्घटनाग्रस्त नाव सरकारी थी और लंबे समय से जर्जर हालत में थी। ग्रामीणों के अनुसार, नाव बदलने के लिए संबंधित अधिकारियों के सामने कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि, अगर समय रहते नाव बदल दी गई होती, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।

Vaishali boat accident

हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और ग्रामीणों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य के साथ स्थिति को संभालने की कोशिश की।

रात में नाव संचालन पर भी उठे सवाल

स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि, बाढ़ के दौरान राघोपुर में रात के समय नाव परिचालन को लेकर प्रतिबंध और सावधानियां जारी की गई थीं। ऐसे में हादसे की परिस्थितियों, रात में नाव के संचालन और सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच जरूरी बताई जा रही है। यह हादसा एक बार फिर नदी पार करने के लिए सुरक्षित नावों, समय पर रखरखाव और प्रशासनिक जवाबदेही की जरूरत को सामने ले आया है।

पीएम मोदी और सीएम सम्राट चौधरी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया है और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

 

इसे भी पढ़ें- गोरखपुर बन रहा हेल्थ हब, बिहार और नेपाल से भी इलाज कराने आते हैं मरीज

Related Articles

Back to top button