सीएम योगी का बड़ा तोहफा, सभी कर्मचारियों को होली से पहले मिलेगा वेतन, 3 मार्च को भी छुट्टी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होली के त्योहार से पहले सरकारी कर्मचारियों, संविदाकर्मियों, आउटसोर्सिंग कर्मियों और सफाईकर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि फरवरी 2026 का वेतन (मानदेय) होली से पहले हर हाल में कर्मचारियों के खातों में पहुंच जाना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, होली के अवकाश को देखते हुए 3 मार्च 2026 को भी छुट्टी घोषित कर दी गई है, जिससे कर्मचारियों को लगातार 4 दिन (1 मार्च रविवार सहित) की छुट्टी मिलेगी।

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 वेतन भुगतान में कोई ढिलाई नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि नियमित सरकारी कर्मचारियों के अलावा आउटसोर्सिंग, संविदा पर कार्यरत कर्मी, सफाईकर्मी और अन्य अस्थायी कर्मचारियों का भी फरवरी का वेतन होली से पहले जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वेतन भुगतान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शनिवार को खुलेंगे दफ्तर 

वित्त विभाग ने भी सभी जिला मजिस्ट्रेट्स, मुख्य कोषाधिकारियों और वरिष्ठ कोषाधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि 28 फरवरी  ययानी शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया गया है, ताकि सभी दफ्तर खुलें और वेतन प्रक्रिया पूरी हो सके। इससे पहले 28 फरवरी को छुट्टी रहने की संभावना थी, लेकिन होली से पहले वेतन सुनिश्चित करने के लिए इसे कार्यदिवस बनाया गया है।

होली के अवकाश की सूची में 2 मार्च (होली का मुख्य दिन), 3 मार्च और 4 मार्च शामिल हैं, जबकि 1 मार्च रविवार होने से कर्मचारियों को लगातार 4 दिन की छुट्टी मिलेगी। यह फैसला प्रदेश के लगभग 17-18 लाख सरकारी कर्मचारियों, लाखों संविदाकर्मियों और सफाईकर्मियों के लिए होली का बड़ा तोहफा है। कई विभागों में सफाईकर्मियों और आउटसोर्सिंग कर्मियों ने पहले वेतन विलंब पर आंदोलन की चेतावनी दी थी, लेकिन सीएम योगी के सख्त निर्देश से अब स्थिति नियंत्रण में आ गई है।

संपत्ति का ब्यौरा न देने पर कड़ा रुख 

उधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण अपलोड न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-24 के तहत सभी कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराना होता है।

24 नवंबर 2025 को जारी आदेश में कर्मचारियों को 31 जनवरी तक विवरण अपलोड करने की समयसीमा दी गई थी। 6 जनवरी को स्पष्ट किया गया कि विवरण न अपलोड करने वालों का जनवरी 2026 का वेतन रोका जाएगा। एनआईसी से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, 31 जनवरी तक 47,816 कर्मचारियों ने विवरण अपलोड नहीं किया। सरकार ने इन कर्मचारियों को अंतिम अवसर देते हुए 26 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक का समय दिया है। यदि कोई कर्मचारी इस दौरान विवरण अपलोड कर देता है, तो उसे जनवरी का रोका हुआ वेतन जारी कर दिया जाएगा। लेकिन 31 जनवरी तक विवरण न देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी। साथ ही ये कार्रवाई भी की जाएगी।

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  •  वर्तमान चयन वर्ष में पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा।
  • देय होने पर भी एसीपी (Assured Career Progression) का लाभ इस वर्ष नहीं मिलेगा।
  • विदेश यात्रा, प्रतिनियुक्ति आदि के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं दी जाएगी।
  • संबंधित विभागों में अनुशासनात्मक जांच शुरू की जाएगी।

यह कदम योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है, जो भ्रष्टाचार और पारदर्शिता पर जोर देती है। मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण अपलोड करना भ्रष्टाचार रोकने और कर्मचारियों की आय-व्यय की निगरानी के लिए अनिवार्य है।

कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया 

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने संपत्ति विवरण न देने पर वेतन रोकने के फैसले पर आपत्ति जताई है। परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के अधिकांश कर्मचारियों (97% और 94%) ने विवरण अपलोड कर दिया है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी पीछे हैं।

उन्होंने मांग की कि निचले स्तर के कर्मचारियों का वेतन तुरंत जारी किया जाए और पोर्टल प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। कुछ विभागों में सफाईकर्मियों ने वेतन विलंब पर आंदोलन की चेतावनी दी थी, लेकिन सीएम योगी के निर्देश से अब स्थिति सुधर गई है। कर्मचारी संगठनों ने होली से पहले वेतन और अतिरिक्त छुट्टी का स्वागत किया है।

 ये है होली की छुट्टी

1 मार्च: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)।
2 मार्च: होली (मुख्य दिन)।
3 मार्च: होली अवकाश (अतिरिक्त घोषित)।
4 मार्च: होली अवकाश।

इससे कर्मचारियों को लगातार 4 दिन की छुट्टी मिलेगी, जो परिवार के साथ त्योहार मनाने में मदद करेगी। सरकार ने 28 फरवरी को कार्यदिवस बनाकर वेतन प्रक्रिया सुनिश्चित की है।

योगी सरकार की कर्मचारी-केंद्रित नीति

यह फैसला योगी सरकार की कर्मचारी-केंद्रित नीतियों का हिस्सा है। पहले भी होली, दिवाली जैसे त्योहारों से पहले वेतन और बोनस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पारदर्शिता के लिए संपत्ति विवरण अनिवार्य करना भ्रष्टाचार विरोधी कदम है। प्रदेश में लगभग 17-18 लाख सरकारी कर्मचारी हैं और इन फैसलों से उनकी संतुष्टि बढ़ेगी। साथ ही कर्मचारियों का सरकार के प्रति भरोसा बढ़ेगा।

 

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