
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। रविवार रात से सोमवार तड़के के बीच रिटायर्ड फौजी चेतराम पासवान (51-52 वर्ष) ने अपनी पत्नी सुनीता वर्मा (40-45 वर्ष) और 16 वर्षीय बेटे दीप की लाइसेंसी दोनाली बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद ट्रेन के सामने लेट गये और मौत को गले लगा लिया। यह घटना सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के तुलसियापुर (नई बस्ती) में हुई, जहां परिवार हाल ही में अक्टूबर 2025 में नए घर में शिफ्ट हुआ था।
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ट्रेन से कट कर दी जान

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीबी पौने पांच बजे जीआरपी को खबर मिली कि, कठोंगर-इमलीपुर रेलवे अंडरपास के पास मालगाड़ी से कुचलकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव के पास खड़ी बाइक और जेब में मिले आधार कार्ड से शिनाख्त की, तो पता चला कि शव चेतराम पासवान का है, जो मूल रूप से घाटमपुर के सेरुआ बखरिआ गांव के रहने वाले थे। पुलिस ने उनके पुराने पते (हंसपुरम आवास विकास) पर जांच की, जहां पता चला कि परिवार हाल ही में तुलसियापुर में नए मकान में शिफ्ट हुआ था।
पुलिस टीम तुलसियापुर पहुंची तो मुख्य गेट बंद था, लेकिन धक्का देने पर खुल गया। अंदर का नजारा और खौफनाक था। यहां बिस्तर के पास पत्नी सुनीता का शव सिर में गोली लगने से खून से लथपथ पड़ा था, जबकि बेटा दीप कमरे के प्रवेश द्वार के पास छाती में गोली लगने से मरा मिला। पास में दोनाली बंदूक पड़ी थी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर और डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी मौके पर पहुंचे और रिश्तेदारों से पूछताछ की। साथ ही शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
फूट-फूट कर रोई बेटी
पोस्टमॉर्टम हाउस में चेतराम की शादीशुदा बेटी प्रीति फूट-फूटकर रो पड़ी। वह जमीन पर बैठकर बिलखते हुए बोली, न पापा बोल रहे हैं, न मम्मी… भइया भी शांत है… आखिर तुम लोगों के साथ किसने ऐसा कर दिया। रविवार रात 9:50 बजे मां से फोन पर बात हुई थी। तब मां ने बताया था कि, पापा खाना खा रहे हैं। हम आ गए हैं… एक बार तो उठ जाओ। अब हमारा क्या होगा… किससे बात करेंगे। प्रीति ने कहा, इस कांड को करने वाले को भगवान कभी माफ नहीं करेंगे… मेरा पूरा परिवार खत्म कर दिया। वह माता-पिता और भाई के शवों के पास बैठकर रोती रहीं और हत्यारे को सख्त से सख्त सजा की मांग की।
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भतीजे का शव देख बेहोश हुईं बुआ

प्रीती घूमने जाने वाली थी, सोमवार दोपहर ट्रेन का रिजर्वेशन कराया था, लेकिन सुबह खबर सुनकर उनका कलेजा फट गया। रविवार की रात में मां सुनीता से बात हुई थी, जिसमें कोई तनाव नहीं झलका। मां ने सफर के दौरान संभालकर आने की सलाह दी थी। चेतराम की बहन समुद्री ने शव देखकर चीखते हुए कहा, पागल आदमी है… ये क्या कर दिया। भतीजे दीप का शव देख वह बेहोश हो गईं। तीनों शवों का अंतिम संस्कार ड्योढ़ी घाट पर किया गया।
चेतराम पासवान कारगिल युद्ध के वेटरन थे। सेना से 5 साल पहले रिटायर होने के बाद वे मालरोड स्थित रिजर्व बैंक में सिक्योरिटी गार्ड थे और पेंशन भी लेते थे। परिवार में पत्नी सुनीता और बेटा दीप (कक्षा 9 का छात्र) थे। बेटी प्रीति की शादी हाल ही में (कुछ महीने पहले) हो चुकी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि दंपती में अक्सर विवाद होते थे। चेतराम की सट्टे की लत थी, जिसके कारण वे कर्जदार हो गए थे।
नहीं मिला सुसाइड नोट
प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को मुख्य कारण माना जा रहा है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने कहा कि चेतराम ने पहले पत्नी को गोली मारी, बेटा दीप आवाज सुनकर दौड़ा तो उसे भी मार दिया। फिर मुख्य गेट बाहर से बंद कर घर से निकले और बाइक से रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर मालगाड़ी के सामने लेट गए। जांच जारी है, जिसमें फॉरेंसिक रिपोर्ट और रिश्तेदारों के बयान शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि, अगर को दोषी मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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