UP कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, अजय राय बोले- ‘बैरिकेडिंग तोड़ेंगे, लेकिन विधानसभा घेरेंग’, दर्जनों नेता हाउस अरेस्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज जबर्दस्त राजनीतिक तनाव बना हुआ है क्योंकि कांग्रेस ने मनरेगा योजना की  समाप्ति, मजदूरों की मजदूरी रोकने, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और माता अहिल्याबाई होल्कर के अपमान, किसानों-मजदूरों पर अत्याचार, बाजारों की तोड़फोड़ और अन्य जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इसके लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता विधानभवन कूच किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया, जिससे पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई।

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सुबह से ही जुटने लगी भीड़

विधानसभा घेराव

आज सुबह से ही कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी। कुछ समय बाद अजय राय की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने विधान भवन की तरफ कूच किया, लेकिन जैसे ही वे पार्टी कार्यलय के बाहर निकले भारी पुलिस बन में उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। मौके पर गहमागहमी का माहौल बना रहा।

200 से ज्यादा जवानों की तैनाती

500 से अधिक कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए 200 से ज्यादा जवानों की तैनाती की, जिसमें RAF (रैपिड एक्शन फोर्स), PAC (प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी) और स्थानीय थानों की फोर्स शामिल थी। कांग्रेस का ये घेराव ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान का हिस्सा है, जो जनवरी 2026 से राज्यभर में चल रहा है। पार्टी का आरोप है कि, योगी आदित्यनाथ सरकार मनरेगा को खत्म करने की साजिश रच रही है और मजदूरों को पिछले 11-12 महीनों से मजदूरी भी नहीं मिल रही।

इसके साथ ही पार्टी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और अहिल्याबाई होल्कर जैसे ऐतिहासिक-धार्मिक व्यक्तित्वों का अपमान करने, बुलडोजर कार्रवाई से गरीबों को प्रताड़ित करने, दाल मंडी जैसे बाजारों को बर्बाद करने और गुजरात से लोगों को जमीन देने जैसे आरोप भी सरकार पर लगाए गए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने किया संबोधित

विधानसभा घेराव

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी कार्यालय पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, योगी राज में अत्याचार अपनी पूरी पराकाष्ठा पर है। बुलडोजर चला रही है, मजदूरों को भूखा मार रही है, शंकराचार्य और अहिल्याबाई होल्कर का अपमान कर रही है। आज हमें पुलिस भी नहीं रोक पाएगी। आज हम हर बैरिकेडिंग तोड़ेंगे और विधानसभा का घेराव करेंगे। हमारे बहादुर कार्यकर्ता इकट्ठा हो रहे हैं। तानाशाही के खिलाफ लड़ेंगे और जीतेंगे।

उन्होंने कहा पुलिस ने हमारे प्रदर्शन को रोकने के लिए पहले से ही अलर्ट मोड में है। कांग्रेस मुख्यालय को छावनी में बदल दिया गया है। दो ट्रकों में PAC और RAF के जवान और चार थानों की फोर्स तैनात की गई। साथ ही पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगा दी गई। उन्होंने कहा प्रदेश भर से लखनऊ आने वाले कार्यकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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पार्टी नेताओं को किया गया हॉउस अरेस्ट

बता दें कि कांग्रेस के इस घेराव को असफल बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। जिलों में पार्टी के नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया समेत 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट या नजरबंद किया गया। रायबरेली में कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी को हाउस अरेस्ट किया गया, जहां उन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर से तीखी बहस की। पासी ने कहा, आप भाजपा के नाम पर गुंडई कर रहे हैं? घर में फोर्स लेकर घुस गये, आपके इस एक्शन से बच्चे डर गए।

आपका ये तरीका गलत है। इंस्पेक्टर ने जवाब दिया कि, वे बात करने आए थे, लेकिन पासी ने इसे गुंडई बताया। हरदोई रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने कांग्रेस के 8 कार्यकर्ताओं को दौड़ाकर पकड़ा। एक वायरल वीडियो में नेता प्लेटफॉर्म पर दौड़ते दिखे, उनके पीछे पुलिस वाले भी दौड़ रहे हैं। उन्हें स्थानीय कांग्रेस कार्यालय में नजरबंद किया गया।

पुलिस को चकमा देकर लखनऊ पहुंचे नीरज

अयोध्या में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री और अन्य नेताओं को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। आजमगढ़ में जिला अध्यक्ष कौशल कुमार मुन्ना 200 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ बस से आ रहे थे, लेकिन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने रोक लिया। फर्रुखाबाद में शहर अध्यक्ष अंकुर मिश्रा, जौनपुर में आरिफ खान और शहनवाज मंसूर, गोंडा में पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह, संभल में आरिफ तुर्की और विजय शर्मा, वाराणसी में जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल और महिला मोर्चा अध्यक्ष अनुराधा यादव, झांसी में देशराज रिछारिया, बुलंदशहर में जियाउर्रहमान, हाथरस में विवेक उपाध्याय, ललितपुर में राम नरेश तिवारी समेत दर्जनों जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट किया गया है।

विधानसभा घेराव

हालांकि, कुछ जगहों पर कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर लखनऊ पहुंच गये। जैसे कि, प्रतापगढ़ के जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी। वे पुलिस को चकमा देकर प्रदेश कार्यालय लखनऊ पहुंच गये।

प्रदेश सरकार डरी है- केएल शर्मा

वाराणसी के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे अपनी टीम के साथ देर रात पहुंचे और अजय राय से मुलाकात की। कुशीनगर के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा, हम राहुल गांधी के बब्बर शेर हैं। डरने वाले नहीं, लड़ेंगे और तानाशाही उखाड़ फेंकेंगे। सरकार डरी हुई है। कांग्रेस सांसद किशोरी लाल (केएल) शर्मा ने कहा, सरकार प्रदर्शन से डरी हुई है। लोकतंत्र में जवाबदेही कहां है? कार्यकर्ता सभी जिलों से आ रहे हैं, हम विधानसभा घेरेंगे और सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखेंगे।

प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने आरोप लगाया, योगी सरकार कुशासन, बढ़ते अपराध और भेदभाव के खिलाफ आवाज दबा रही है, लेकिन जनता की आवाज नहीं दबेगी।

ओम प्रकाश राजभर ने दिया जवाब

इधर, योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, यह लोकतंत्र है। कानून के दायरे में प्रदर्शन करें, कोई समस्या नहीं। मनरेगा में समय पर मजदूरी नहीं मिलती थी, जबकि VB-G-RAM-G बिल में संशोधन कर एक हफ्ते में मजदूरी न मिलने पर ब्याज देने और मजदूरी के दिनों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। कांग्रेस को पहले इन योजनाओं की तुलना करनी चाहिए।

यह प्रदर्शन कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक साल पहले इसी तरह के घेराव में कार्यकर्ता प्रभात पांडेय की मौत हो गई थी। उस वक्त अजय राय ने पुलिस पर प्रभात को पीटने का आरोप लगाया था, जहां बेहोशी की हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आपको बता दें कि, इस समय विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है।

 

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