9 साल बाद इजराइल जाएंगे पीएम मोदी, इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

यरुशलम/नई दिल्ली।  भारत और इजराइल के रिश्ते किसी से छिपे नहीं है। जब-जब भारत पर मुसीबत आई, तब-तब इजराइल उसके साथ मजबूती से खड़ा रहा। अब जल्द ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी की यात्रा से पहले इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी और भारत की जमकर तारीफ की है। नेतन्याहू ने इजरायल और भारत के बीच के संबंधों को जबरदस्त गठबंधन करार दिया और कहा कि, इजरायल भारत में बहुत ज्यादा पॉपुलर है।

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नेतन्याहू ने की भारत की तारीफ़

इजराइल के यरुशलम में मेजर अमेरिकन ज्यूइश ऑर्गनाइजेशंस की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले सप्ताह इजरायल आने का जिक्र किया और दोनों देशों के बीच सभी क्षेत्रों में सहयोग की विस्तृत चर्चा की उम्मीद जताई। इजराइली प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, क्या आप जानते हैं कि, अगले सप्ताह यहां कौन आ रहा है? नरेंद्र मोदी। इजरायल और भारत के बीच जबरदस्त गठबंधन है और हम सभी तरह के सहयोग पर चर्चा करने जा रहे हैं।

पीएम मोदी-नेतन्याहू

उन्होंने भारत की विशाल आबादी पर जोर देते हुए कहा, भारत कोई छोटा देश नहीं है। वहां 1.5 अरब लोग रहते हैं। इजरायल वहां बहुत ज्यादा पॉपुलर है, बहुत ज्यादा। क्या आप जानते हैं? नेतन्याहू ने दोहराया कि, इजरायल भारत में ‘enormously popular’ है और दुनिया को इस तथ्य से अवगत होना चाहिए। नेतन्याहू का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब पीएम मोदी का इजरायल दौरा लगभग तय माना जा रहा है।

27-28 फरवरी को जाएंगे पीएम

सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि, पीएम मोदी का ये दौरा फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में, संभवतः 27-28 फरवरी को होगा। हालांकि, पीएम कार्यालय की तरफ से अभी आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।

कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि, ये दौरा नई दिल्ली में आज हो रहे एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट के बाद हो सकता है। नेतन्याहू के भाषण ने इस यात्रा की तैयारियों को कन्फर्म कर दिया है। पीएम मोदी का ये दूसरा इजराइल का दौरा है। इस बार वे 9 साल बाद इजरायल जाएंगे। बता दें कि, यह पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला इजरायल दौरा होगा। इससे पहले वे साल 2017  में इजराइल गये थे। 2017 में पीएम मोदी ने इजरायल का ऐतिहासिक दौरा किया था, जो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुआ था।

हाल ही में फोन पर हुई थी बात 

उस दौरे में रक्षा, साइबर सिक्योरिटी, कृषि, जल प्रबंधन और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर महत्वपूर्ण समझौते हुए थे। मोदी और नेतन्याहू के बीच गहरी निजी दोस्ती रही है, जिसे दोनों नेता अक्सर सार्वजनिक रूप से व्यक्त करते हैं। दोनों नेताओं ने हाल ही में जनवरी 2026 में फोन पर बातचीत की थी, जहां नेतन्याहू ने गाजा शांति योजना की प्रगति पर जानकारी साझा की थी। पीएम मोदी ने क्षेत्र में न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति के लिए भारत के समर्थन को दोहराया था। यह दूसरी बार था जब दोनों नेताओं ने दो महीने के भीतर बात की। नेतन्याहू की तरफ से मोदी को इजरायल आने का निमंत्रण पहले ही दिया जा चुका है और अब उन्होंने इस पर सार्वजनिक टिप्पणी की है, जो इस बात का पक्का संकेत है कि पीएम का दौरा कन्फर्म है।

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दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी

इजरायल और भारत के बीच संबंध पिछले कुछ दशकों में तेजी से मजबूत हुए हैं। रक्षा क्षेत्र में इजरायल भारत का प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ता है, जिसमें मिसाइल सिस्टम, ड्रोन, एंटी-टैंक हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। दोनों देश आतंकवाद विरोधी सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और साइबर सिक्योरिटी में निकटता से काम करते हैं। कृषि, जल संरक्षण, स्टार्टअप इकोसिस्टम और हाई-टेक क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है। नेतन्याहू के भाषण में “तेज गठबंधन” का जिक्र भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और आत्मनिर्भर भारत के विजन से जुड़ा है।

पीएम मोदी-नेतन्याहू

विदेश नीति के जानकार बताते हैं कि, पीएम मोदी का आगामी इजराइल दौरा रक्षा सौदों, तकनीकी ट्रांसफर और क्षेत्रीय सुरक्षा पर नए समझौतों का आधार तैयार कर सकता है। दोनों नेता पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव, खासकर गाजा और इजरायल-हमास संघर्ष के क साथ ही क्षेत्रीय स्थिति पर भी चर्चा कर सकते हैं। बता दें कि, भारत ने हमेशा इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है, साथ ही शांति प्रक्रिया के लिए न्यायपूर्ण समाधान की वकालत की है।

पीएम मोदी का ये इजराइल दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नया आयाम देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत-इजरायल साझेदारी को मजबूत संदेश देगा। दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है और निवेश के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मोदी-नेतन्याहू की मुलाकात में ग्लोबल चैलेंजेस जैसे आतंकवाद, साइबर थ्रेट्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर फोकस रहने की उम्मीद है।

इन प्रमुख एजेंडों पर हो सकती है बात

नेतन्याहू के बयान से साफ है कि, इजरायल भारत को एक प्रमुख साझेदार मानता है। भारत की 1.5 अरब आबादी और उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका को उन्होंने विशेष रूप से हाइलाइट किया। उम्मीद जताई जा रही है कि ये दौरा दोनों देशों के बीच की “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” को अगले स्तर पर ले जाएगा, जहां रक्षा, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा सहयोग प्रमुख एजेंडा होंगे।

 

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