India-EU Deal

India-EU Deal: ट्रंप के टैरिफ को झटका! भारत-EU के बीच हुई सुपर ट्रेड डील, आयात-निर्यात में आएगा बूम

नई दिल्ली। इंडिया एनर्जी वीक 2026 को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन होने का ऐलान किया। इसे दुनिया भर में ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। लगभग दो दशक की लंबी बातचीत के बाद यह समझौता पूरा हुआ, जो वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा कवर करता है। यह भारत के 140 करोड़ नागरिकों और यूरोप के करोड़ों लोगों के लिए अपार अवसर लेकर आया है।

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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा बूस्ट 

India-EU Deal:

पीएम मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि, यह समझौता भारत-यूके और अन्य समझौतों को पूरक बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बूस्ट देगा और सर्विसेज सेक्टर को विस्तार देगा। उन्होंने कहा कि, यह एग्रीमेंट दुनिया की दो सबसे बड़ी इकॉनमी के बीच एक मजबूत पार्टनरशिप का प्रतीक है और इससे भारत की इंडस्ट्री, एनर्जी सेक्टर और आम जनता को सीधा फायदा होगा। PM मोदी ने कहा कि यह डील भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करेगी और सर्विस सेक्टर को नया सपोर्ट देगी।

बड़ी एनर्जी इकॉनमी बना भारत

PM मोदी ने कहा कि भारत आज एक बड़ी एनर्जी इकॉनमी बन गया है। भारत रिन्यूएबल एनर्जी, तेल और गैस जैसे सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया भर के कई देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि, आज के भारत में हर सेक्टर में सुधार हो रहे हैं। इन सुधारों से देश में इन्वेस्टमेंट का माहौल बेहतर हुआ है और रोजगार के नए-नए अवसर बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, भारत-EU FTA पिछले साल भारत और UK के बीच साइन हुए ट्रेड एग्रीमेंट को भी सपोर्ट करेगा। इससे यूरोप के साथ भारत का ओवरऑल ट्रेड और मजबूत होगा। इस एग्रीमेंट का मकसद भारत और EU के बीच बाइलेटरल ट्रेड को बढ़ाना और इकोनॉमिक रिलेशन को बेहतर बनाना है। सरकार का मानना ​​है कि, इससे इन्वेस्टमेंट, एम्प्लॉयमेंट और टेक्नोलॉजिकल कोऑपरेशन के नए रास्ते खुलेंगे।

India-EU Deal:

यूरोपीय कमीशन अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ 16वें भारत-EU समिट में इसकी औपचारिक घोषणा हुई। समझौते की आधिकारिक साइनिंग लीगल वेटिंग के बाद 5-6 महीनों में होगी, लेकिन नेगोशिएशंस सफलतापूर्वक समाप्त हो चुके हैं।

FTA के फायदे: टैरिफ में भारी कटौती

EU से आने वाले 96.6% सामानों पर टैरिफ खत्म या काफी कम हो जाएंगे। इससे कार, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाइन, मेडिकल इक्विपमेंट, ऑप्टिकल और सर्जिकल उपकरण सस्ते होंगे। भारत में उपभोक्ताओं को सस्ते यूरोपीय प्रोडक्ट्स मिलेंगे, जिससे जीवन स्तर बेहतर होगा।

भारतीय निर्यात को बड़ा बूस्ट

टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर, फुटवियर, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सर्विसेज, केमिकल्स और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टरों को यूरोप में आसान और सस्ता एक्सेस मिलेगा। इससे एक्सपोर्ट बढ़ेगा, विदेशी मुद्रा आएगी और जॉब्स क्रिएट होंगी।

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मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज में वृद्धि

पीएम मोदी ने कहा कि यह डील मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करेगी और सर्विसेज सेक्टर (आईटी, फाइनेंशियल आदि) को विस्तार देगी। ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की भूमिका बढ़ेगी, निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।

ट्रंप टैरिफ्स के बीच स्ट्रैटेजिक लाभ

अमेरिका में ट्रंप के टैरिफ्स के बीच यह डील भारत-EU को मजबूत आर्थिक ब्लॉक बनाती है। इससे भारत की मल्टीपोलर वर्ल्ड पॉलिसी मजबूत होगी, ट्रेड डाइवर्सिफिकेशन बढ़ेगा और ग्लोबल टेंशन्स में बैलेंस बनेगा।

India-EU Deal

यह समझौता न केवल आर्थिक बल्कि स्ट्रैटेजिक महत्व का है। दोनों पक्षों ने डेमोक्रेसी, रूल ऑफ लॉ और ग्लोबल स्टेबिलिटी पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में आगे बढ़ाएगा।

पेट्रोलियम  मंत्री ने किया इवेंट का उद्घाटन

इस इवेंट का उद्घाटन गोवा में यूनियन पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने किया। इस इवेंट में कई देशों के मिनिस्टर, इंडस्ट्री लीडर और पॉलिसी एक्सपर्ट शामिल हुए। यूनाइटेड अरब अमीरात के इंडस्ट्री और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर सुल्तान अहमद अल जाबेर और गोवा के चीफ मिनिस्टर प्रमोद सावंत समेत कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं।

गोवा के चीफ मिनिस्टर ने इस मौके पर कहा कि, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी इकॉनमी के तौर पर उभरा है, जो एनर्जी सेक्टर में बड़े मौके दे रहा है। बढ़ती एनर्जी डिमांड के बीच यह सेक्टर एक सुरक्षित और सस्टेनेबल भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी है। भारत टॉप पांच पेट्रोलियम प्रोडक्ट एक्सपोर्टर्स में से एक है और 150 से ज़्यादा देशों को एक्सपोर्ट करता है। इंडिया एनर्जी वीक प्लेटफॉर्म के ज़रिए, भारत ने ग्लोबल पार्टनरशिप के लिए अपनी क्षमता को साफ तौर पर दिखाया है।

दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल  का उदाहरण

उन्होंने कहा, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुआ यह नया ऐतिहासिक एग्रीमेंट 1.4 बिलियन भारतीयों और यूरोपियन नागरिकों के लिए बहुत सारे मौके लेकर आया है और यह दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह एग्रीमेंट ग्लोबल ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) का लगभग 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड का एक-तिहाई हिस्सा कवर करता है।

 

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