कल 10 मिनट तक गूंजेगा तेज सायरन और रहेगा ब्लैकआउट, मॉकड्रिल के दौरान इन बातों का रखें खास ध्यान

लखनऊ: लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 23 जनवरी को शाम छह बजे ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान तेज आवाज में सायरन बजेगा और बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एक पूर्व नियोजित अभ्यास है, इसलिए आम नागरिक किसी तरह की घबराहट या अफवाह पर ध्यान न दें। मॉकड्रिल लगभग 10 मिनट तक चलेगी और इसका असर मॉकड्रिल स्थल के आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा।

नेताजी की जयंती और यूपी दिवस के अवसर पर मॉकड्रिल
23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर शासन ने राज्यभर में ब्लैकआउट मॉकड्रिल के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बुधवार को आगरा में एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान की अध्यक्षता में नागरिक सुरक्षा से जुड़ी अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें मॉकड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई।

कई विभाग रहेंगे शामिल
प्रशासन के मुताबिक इस मॉकड्रिल में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), अग्निशमन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, टोरंट पावर, शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग की सक्रिय सहभागिता रहेगी। सभी विभाग तय प्रोटोकॉल के अनुसार अभ्यास में शामिल होंगे।

ऐसे होगा ब्लैकआउट और सायरन का संचालन
मॉकड्रिल स्थल पर नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा हवाई हमले से बचाव का सायरन ऊंची-नीची आवाज में बजाया जाएगा। सायरन बजते ही टोरंट पावर की ओर से आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। इसके बाद शाम 6:06 बजे हवाई हमला समाप्त होने का सायरन तेज आवाज में बजेगा। सायरन के साथ ही बिजली आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी जाएगी।

आग बुझाने का भी होगा अभ्यास
मॉकड्रिल के दौरान हवाई हमले से लगी आग को बुझाने का भी अभ्यास किया जाएगा। बड़ी आग पर अग्निशमन विभाग काबू पाएगा, जबकि छोटी आगों को नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक बुझाएंगे। बैठक में उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा मुनेश कुमार गुप्ता समेत सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

ब्लैकआउट क्या होता है
ब्लैकआउट एक आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें किसी इलाके की सभी बाहरी और गैर-जरूरी रोशनी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है।

ब्लैकआउट क्यों किया जाता है
ब्लैकआउट का उद्देश्य दुश्मन के हवाई या ड्रोन हमलों से सुरक्षा करना, रात में इलाके की पहचान छिपाना, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में रणनीतिक सतर्कता बरतना होता है।

ब्लैकआउट के समय क्या करें
ब्लैकआउट के दौरान घर, दुकान और कार्यालय की सभी बाहरी लाइटें बंद रखें। खिड़की-दरवाजों से बाहर जाने वाली रोशनी को पर्दों या कपड़े से ढक दें। केवल जरूरत पड़ने पर हल्की रोशनी का इस्तेमाल करें। प्रशासन, पुलिस और सिविल डिफेंस के निर्देशों का पालन करें। घर के अंदर शांत रहें और आपात स्थिति में ही बाहर निकलें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

ब्लैकआउट के समय क्या न करें
घर, छत या सड़क पर अनावश्यक रोशनी न जलाएं। मोबाइल फ्लैशलाइट, टॉर्च या लेजर लाइट का बिना कारण इस्तेमाल न करें। वाहन चलाते समय हेडलाइट या डिपर का प्रयोग न करें। खुले स्थान या छत पर खड़े होकर भीड़ या अफरा-तफरी की स्थिति न बनाएं।

 

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