घर खरीदने का ट्रेंड बदला: हर दूसरा होमबायर अब 3BHK या उससे बड़े घर को दे रहा प्राथमिकता

नई दिल्ली। भारतीय रियल एस्टेट बाजार में बीते कुछ वर्षों में बड़ा और स्थायी बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी किफायती और छोटे घरों की मांग के लिए पहचाना जाने वाला बाजार अब बड़े और स्पेशियस घरों की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहा है। ताजा ICC-ANAROCK रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में 3BHK और उससे बड़े घरों की हिस्सेदारी कुल मांग में बढ़कर करीब 45 से 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि साल 2018 में यह आंकड़ा सिर्फ 30 प्रतिशत के आसपास था।

वर्क फ्रॉम होम और लाइफस्टाइल ने बदली पसंद
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की रियल एस्टेट समिट 2026 में जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े घरों की ओर झुकाव कोई अस्थायी फैशन नहीं, बल्कि एक स्ट्रक्चरल बदलाव है। वर्क फ्रॉम होम कल्चर, मल्टी-जेनरेशन फैमिली, बेहतर लाइफस्टाइल की चाह और हेल्थ व वेलनेस पर बढ़ते फोकस ने होमबायर्स को ज्यादा स्पेस वाले घरों की तरफ मोड़ा है। अब घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि ऑफिस, पर्सनल स्पेस और फैमिली टाइम का केंद्र बन चुका है।

2025 में 3.48 लाख घर बिके, कीमतों में 19 फीसदी की बढ़त
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में देश के टॉप सात शहरों में करीब 3,48,207 घरों की बिक्री दर्ज की गई। इस दौरान भले ही कुल यूनिट बिक्री सालाना आधार पर करीब 14 फीसदी घटकर 3.96 लाख यूनिट रह गई, लेकिन औसतन घरों की कीमतों में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली।

कम बिक्री, लेकिन बाजार वैल्यू में इजाफा
कम यूनिट्स बिकने के बावजूद रियल एस्टेट बाजार की कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में इजाफा हुआ है। 2025 में यह वैल्यू 6 फीसदी बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गई। इसकी बड़ी वजह महंगे और बड़े साइज के घरों की बढ़ती हिस्सेदारी मानी जा रही है।

लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट की मजबूत पकड़
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 75 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी, जो 2021 में करीब 60 फीसदी थी, अब घटकर लगभग 32 फीसदी रह गई है। दूसरी ओर, 4 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी बढ़कर 18 से 20 फीसदी तक पहुंच गई है। खासतौर पर मुंबई महानगर क्षेत्र में अल्ट्रा-लग्जरी घरों की मांग तेजी से बढ़ी है।

डेवलपर्स भी बदल रहे रणनीति
होमबायर्स की बदलती पसंद को देखते हुए डेवलपर्स भी अपनी रणनीति में बदलाव कर रहे हैं। अब ज्यादा फोकस कम घनत्व वाले, बड़े यूनिट साइज और बेहतर सुविधाओं से लैस प्रोजेक्ट्स पर है। खरीदार मजबूत ब्रांड, समय पर डिलीवरी और भरोसेमंद डेवलपर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे क्वालिटी और क्रेडिबिलिटी रियल एस्टेट बाजार के अहम फैक्टर बनते जा रहे हैं।

 

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