प्रयागराज माघ मेला: वसंत पंचमी स्नान के लिए 23-25 जनवरी तक नो एंट्री, गाड़ियों की पार्किंग-रूट गाइडलाइन जारी

प्रयागराज। माघ मेला क्षेत्र में वसंत पंचमी और अचला सप्तमी के स्नान पर्व को देखते हुए मेला प्रशासन ने बड़े स्तर पर सुरक्षा व व्यवस्थाओं का पुख्ता प्रबंध किया है। 23 से 25 जनवरी तक स्नानार्थियों की भारी भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 22 जनवरी की रात 8 बजे से मेला क्षेत्र में सभी प्रकार की गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। केवल एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन ही छूट के साथ अंदर जा सकेंगे।

श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही वाहन खड़ा करने का निर्देश
मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें और पैदल तय मार्गों से ही स्नान घाटों तक पहुंचें। संगम नोज पर किसी भी प्रकार की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एसपी मेला नीरज पांडेय ने कहा कि इस व्यवस्था का मकसद भीड़ को नियंत्रित कर आवागमन को सुचारु बनाना है और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचना है।

पार्किंग और मार्ग व्यवस्था – परेड क्षेत्र
प्लॉट नंबर 17 पार्किंग से श्रद्धालु काली मार्ग होते हुए अपर संगम मार्ग से संगम, हनुमान और रामघाट तक पहुंच सकेंगे। गल्ला मंडी पार्किंग से काली मार्ग, मोरी रैंप व किलाघाट होते हुए काली उत्तरी, मोरी, शिवाला और दशाश्वमेध घाट तक जाना संभव होगा। नागवासुकि पार्किंग से रिवर फ्रंट मार्ग के जरिए घाटों तक आवागमन किया जा सकेगा।

झूंसी क्षेत्र की पार्किंग व्यवस्था
ओल्ड जीटी कछार पार्किंग से श्रद्धालु नागवासुकि मार्ग होकर पीपा पुल संख्या चार व पांच के बीच बने घाटों तक पहुंच सकेंगे। टीकरमाफी-महुआबाग पार्किंग से जीटी रोड व त्रिवेणी मार्ग होकर पीपा पुल संख्या दो व तीन के बीच बने घाटों तक आवागमन रहेगा। सोहम आश्रम पार्किंग से रिवर फ्रंट झूंसी मार्ग तक पहुंचने की सुविधा होगी।

अरैल क्षेत्र की पार्किंग व्यवस्था
देवरख कछार पार्किंग से सोमेश्वर महादेव रैंप मार्ग होकर सोमेश्वर घाट तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है। गजिया पार्किंग से अरैल घाट, औल घाट और चक्रमाधव घाट तक पहुंचा जा सकेगा। नवप्रयागम पार्किंग से अरैल बांध रोड होते हुए अरैल घाट और अन्य स्नान घाटों तक आवागमन संभव होगा।

पीपा पुलों पर एकल मार्ग व्यवस्था, खास रूट तय
परेड से झूंसी जाने के लिए पीपा पुल संख्या तीन, पांच और सात का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं झूंसी से परेड लौटने के लिए पीपा पुल संख्या चार और छह निर्धारित हैं। पीपा पुल संख्या एक और दो को आकस्मिक परिस्थितियों के लिए रिजर्व रखा गया है। सभी पुलों पर एकल मार्ग व्यवस्था लागू रहेगी।

 

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