हरी झंडी दिखाकर एडीसीपी किरण यादव ने किया साइबर जागरूकता अभियान ‘Sabki Neeyat Saaf Nahi Hoti’ का उद्घाटन

  • लखनऊ पुलिस का ऑनलाइन ठगी के बढ़ते खतरे के बीच लखनऊ में ‘Sabki Neeyat Saaf Nahi Hoti’ अभियान शुरू

लखनऊ। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान “ सबकी  नीयत  साफ़  नहीं  होती ”  की शुरुआत की है। यह अभियान पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ और पीरामल फाइनेंस लिमिटेड के संयुक्त प्रयास से शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूक करना है।

 

अभियान का शुभारंभ अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) सुश्री किरण यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अनजान या संदिग्ध कॉल, मैसेज, ई-मेल या लिंक पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।

लखनऊ पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में फर्जी बैंक कॉल, ओटीपी फ्रॉड, नकली वेबसाइट, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसी घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है। इन्हीं खतरों को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नुक्कड़ नाटक, जागरूकता वीडियो, पोस्टर, पंपलेट और सोशल मीडिया कैंपेन के माध्यम से लोगों को सतर्क किया जाएगा।

पुलिस आयुक्त लखनऊ अरविंद कुमार सेंगर ने कहा,तकनीक ने हमारी जिंदगी को आसान बनाया है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल से साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों के बीच साइबर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि वे खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।

अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) किरण यादव ने कहा कि ज्यादातर वित्तीय ठगी भरोसे और जल्दबाजी का फायदा उठाकर की जाती है।उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सतर्क और साइबर-स्मार्ट बनाना है, ताकि वे ठगों के जाल में न फंसें।

अभियान के दौरान विशेष रूप से बैंक फ्रॉड, डिजिटल पेमेंट स्कैम, फर्जी निवेश योजनाएं और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे मामलों पर फोकस किया जाएगा, जिससे लोग इनसे बचाव के व्यावहारिक तरीकों को समझ सकें।

यह साइबर जागरूकता अभियान 13 जनवरी 2026 से अगले 15 दिनों तक चलेगा। इसके तहत लखनऊ शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों सहित लगभग 40 से 45 चिन्हित स्थानों को कवर किया जाएगा।

इस अभियान में पीरामल फाइनेंस लिमिटेड बतौर स्पॉन्सर लखनऊ पुलिस के साथ मिलकर सहयोग कर रहा है। कंपनी के मुख्य विपणन अधिकारी (सीएमओ) अरविंद अय्यर ने कहा, “साइबर सुरक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है, क्योंकि सबकी  नीयत  साफ  नहीं  होती।   लखनऊ पुलिस के साथ यह साझेदारी लोगों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लखनऊ पुलिस का कहना है कि इस तरह के साइबर जागरूकता अभियान देश के अन्य शहरों में सफल साबित हुए हैं और लखनऊ में भी इससे आम लोगों में सतर्कता बढ़ने तथा साइबर अपराधों में कमी आने की उम्मीद है।

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