करोड़ों एंड्रॉइड यूजर्स के लिए सरकार की बड़ी चेतावनी, तुरंत अपडेट नहीं किया तो हैकर्स कर सकते हैं फोन पर कब्जा

नई दिल्ली: करोड़ों एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सरकार ने एक अहम साइबर अलर्ट जारी किया है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In (कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम इंडिया) ने एंड्रॉइड डिवाइसेज में पाई गई एक गंभीर तकनीकी खामी को लेकर चेतावनी दी है। CERT-In की ओर से जारी एडवाइजरी CIVN-2026-0016 के अनुसार, एंड्रॉइड स्मार्टफोन्स में मौजूद डॉल्वी ऑडियो फीचर में ऐसी गड़बड़ी सामने आई है, जिसका गलत फायदा उठाकर हैकर्स यूजर्स के डिवाइस को निशाना बना सकते हैं।

डॉल्वी ऑडियो फीचर में मिली खामी
सरकारी चेतावनी के मुताबिक, डॉल्वी ऑडियो से जुड़े आर्बिट्ररी कोड में एक गंभीर कमजोरी पाई गई है। इस खामी के जरिए साइबर अपराधी यूजर्स के स्मार्टफोन में मेलवेयर इंजेक्ट कर सकते हैं। इसके बाद फोन में मौजूद निजी दस्तावेज, बैंकिंग जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है। CERT-In ने स्पष्ट किया है कि गूगल एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर चलने वाले स्मार्टफोन और टैबलेट इस गड़बड़ी से प्रभावित हो सकते हैं।

हाई रिस्क रिमोट कोड एक्जीक्यूशन का खतरा
CERT-In ने इस तकनीकी खामी को हाई रिस्क रिमोट कोड एक्जीक्यूशन की श्रेणी में रखा है। एजेंसी के अनुसार, इस गड़बड़ी के कारण डिवाइस की मेमोरी प्रभावित हो सकती है और हैकर्स को फोन का रिमोट एक्सेस मिल सकता है। चूंकि एंड्रॉइड एक ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, इसलिए यह केवल स्मार्टफोन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्मार्ट वॉच, टैबलेट और स्मार्ट टीवी जैसे अन्य डिवाइसेज भी इस खतरे की जद में आ सकते हैं।

एंड्रॉइड यूजर्स को सरकार की अहम सलाह
सरकार ने करोड़ों एंड्रॉइड यूजर्स से अपील की है कि वे अपने डिवाइस को तुरंत लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम और सिक्योरिटी पैच के साथ अपडेट कर लें। CERT-In के मुताबिक, यह गड़बड़ी पिछले साल अक्टूबर में सामने आई थी, जिसके बाद गूगल ने लगातार कई अपडेट जारी किए। जनवरी 2026 के सिक्योरिटी पैच में इस खामी को ठीक कर दिया गया है, ऐसे में अपडेट करना ही सबसे सुरक्षित उपाय बताया गया है।

किन डिवाइसेज पर लागू है चेतावनी
यह चेतावनी सिर्फ स्मार्टफोन तक सीमित नहीं है। एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर चलने वाले टैबलेट, स्मार्ट वॉच और स्मार्ट टीवी यूजर्स को भी सतर्क रहने की जरूरत है। सरकारी एडवाइजरी के अनुसार, समय पर अपडेट करने से इस साइबर खतरे से बचा जा सकता है।

 

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