नई दिल्ली। हर साल की तरह इस बार भी मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को धूमधाम से मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य देव दक्षिणायन की यात्रा समाप्त करके उत्तरायण में प्रवेश करते हैं। उत्तरायण को देवताओं का दिन भी कहा जाता है। इस अवसर पर दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है।

मकर संक्रांति 2026 में बन रहा शिववास योग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष मकर संक्रांति पर शिववास योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह योग विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा और अभिषेक के लिए शुभ माना गया है। इस समय अभिषेक करने से भक्तों को पितृ दोष से मुक्ति प्राप्त होती है।
शिववास योग का शुभ समय
ज्योतिष गणना के अनुसार, शिववास योग का मुहूर्त 14 जनवरी 2026 को सुबह 10:20 बजे तक रहेगा। इस दौरान भगवान शिव का अभिषेक करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मकर संक्रांति पर पूजा और उपाय
शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का बड़ा महत्व है। गंगा स्नान करने से अनजाने पापों से मुक्ति मिलती है। शिववास योग में गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करने से विशेष रूप से पितृ दोष से मुक्ति का लाभ मिलता है।
शास्त्रों की मान्यता:
इस शुभ योग में अभिषेक और पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति आती है। भक्त इस समय भगवान शिव के ध्यान और मंत्र जाप से आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं।
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