लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस दिन छुट्टी का फैसला मकर संक्रांति के त्योहार के कारण लिया गया है। इस बार देश में मकर संक्रांति 14 जनवरी की बजाय 15 जनवरी को मनाई जा रही है।

मकर संक्रांति का महत्व और पूजा विधि
मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है। इसे तब मनाया जाता है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। इसे उत्तरायण की शुरुआत माना जाता है, जिससे दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। यह त्योहार सर्दियों के अंत और बसंत के आगमन का प्रतीक भी है।
किसानों और नई फसल के लिए महत्व
मकर संक्रांति का त्योहार किसानों के लिए खास खुशखबरी लेकर आता है। इस समय रबी फसल जैसे गेहूं, चना और सरसों की कटाई पूरी हो जाती है। किसान नई फसल के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं।
पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य
इस अवसर पर लोग गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, दान करते हैं और सूर्य देव की पूजा करते हैं। विशेष रूप से तिल-गुड़ का दान पुण्यदायी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन दान करने से दानकर्ता को सौ गुना लाभ मिलता है।
त्योहार की खुशियां: पतंग और मिठाई
मकर संक्रांति के दिन देशभर में पतंग उड़ाई जाती है और लोग एक-दूसरे को तिल-गुड़ की मिठाइयां भेजते हैं। घरों में खिचड़ी बनाई जाती है और यह दिन पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है।
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