लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में गुरुवार का दिन पिछले 10 वर्षों में सबसे सर्द रहा। पूरे दिन सूर्य देव की किरणें नहीं दिखीं, जिससे धूप का कोई असर नहीं हुआ। न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया और अधिकतम तापमान भी केवल 10 डिग्री तक पहुंचा। आमजन और राहगीर मजबूरी में अलाव और चाय के सहारे सर्दी से बचते नजर आए।
सर्दी से आम जीवन प्रभावित
जिले में लगातार ठंड पड़ने से लोगों का जीवन प्रभावित हुआ। बाइक सवारों और राहगीरों को कई बार अलाव और चाय का सहारा लेना पड़ा। कार्यालयों में हीटर लगातार चलाए गए, लेकिन कमरे पूरी तरह गर्म नहीं हो सके। घरों में बच्चे और बुजुर्ग दिन भर घरों में दुबके रहे। शहर के रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड और न्यायालय परिसर पर भीड़ अधिक रही।
सर्दी और कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार रोकी
घने कोहरे के कारण बांदा रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनें देर से पहुंचीं। अंबेडकर नगर एक्सप्रेस 10 घंटे देरी से स्टेशन पर आई, जबकि महाकौशल एक्सप्रेस तीन घंटे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, गरीब रथ दो घंटे और तुलसी एक्सप्रेस एक घंटा 19 मिनट देरी से आई। वंदे भारत ट्रेन भी निर्धारित समय से 25 मिनट लेट रही। यात्रियों को बेंचों पर ठिठुरना पड़ा और चाय की दुकानों में भीड़ रही।
तापमान का रिकॉर्ड (8 जनवरी)
2026 – 4.5/10, 2025 – 5/24, 2024 – 12/20, 2023 – 5/15, 2022 – 9/14, 2021 – 7/14, 2020 – 5/17, 2019 – 6/18, 2018 – 7/19, 2017 – 6/18
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले दिनों में भी सर्दी बढ़ने की संभावना जताई है। चिकित्सकों ने सुबह और देर शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
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