मध्य प्रदेश के गुना जिले में विगत 24 सालों से फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अदालत ने वारंट जारी किया था। हत्या के समय वह नाबालिग था और अब जब पकड़ा गया है तो उसकी उम्र 37 वर्ष हो चुकी है। पुलिस ने आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी इतना शातिर था कि वह मोबाइल तक नहीं रखता था। 24 वर्षों तक वह पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को एसआईटी तक बनानी पड़ गयी।

पुलिस को कई वर्षों से थी तलाश
यह पूरा मामला वर्ष 1997 का है। जामनेर इलाके के नसीरपुर गांव में कई लोगों ने मिलकर जमीन के विवाद में आपसी रंजिश में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इस घटना में 14 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। उसी वर्ष ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हत्या के मामले में एक नाबालिग को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था। कुछ महीनों बाद अदालत ने इस नाबालिग को जमानत दे दी थी, जिसके बाद वह बाल सम्प्रेक्षण गृह से बाहर आया था। इसके बाद वह कुछ दिन अपने गांव में ही रहा। बालिग हुआ तो उसकी शादी कर दी गयी। शादी के बाद वह गांव से कुछ दूर अपनी मौसी के यहाँ रहने लगा। वह अपने साथ अपनी बीवी-बच्चों को भी ले गया।
निकलते रहे वारंट
इधर मामले की सुनवाई आगे बढ़ी और अदालत से इसकी गिरफ्तारी के लिए निरंतर वारंट निकलते रहे। लेकिन यह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। पुलिस को इसकी बिलकुल जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसके परिवार के बाकी लोग भी कुछ बताने को तैयार नहीं थे। आरोपी अपनी मौसी के गांव में ही रहकर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। इस दौरान उसके दो बच्चे भी हो गए थे।वह अपने पास मोबाइल भी नहीं रखता था, जिससे किसी तरह उसकी जानकारी मिल पाती।
कोर्ट से निरंतर जवाब-तलब होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने एसआईटी का गठन किया। इसमें टीआई चांचौड़ा मुनीष राजौरिया के नेतृत्व में थाना प्रभारी मधुसूदनगढ़ जयवीर सिंह बघेल, थाना प्रभारी जामनेर कृपाल सिंह परिहार, चौकी प्रभारी उकावद रचना खत्री, सायबर सेल से आरक्षक कुलदीप भदौरिया व तीन अन्य आरक्षकों को शामिल किया गया। जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिए गए। लेकिन आरोपी के गांव में नहीं मिलने से वह अभी तक गिरफ्तार नहीं हो पा रहा था। साथ ही इतने वर्षों में आरोपी की शकल भी इतनी बदल गयी कि कोई भी उसको आसानी से पहचान नहीं पा रहा था।
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इसी दौरान इस पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव आने वाला है। चूँकि उसका गांव जामनेर क्षेत्र में पड़ता है तो जामनेर थाने की टीम को उसको पकड़ने के लिए भेजा गया। टीम को नसीरपुर के रास्ते पर मुखबिर द्वारा बताये हुए हुलिए का व्यक्ति जाता हुआ मिला। पुलिस ने उसे पकड़कर जानकारी ली तो उसने अपना नाम उगल दिया और हत्या का आरोप भी कुबूल कर लिया। पुलिस की पकड़ में आया आरोपी जगदीश(37) पुत्र अमर सिंह यादव निवासी नसीरपुर मधुसूदनगढ़ निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।
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