भारी बारिश और बादल फटने से उत्तरकाशी जिले में कई गांवों में तबाही आ गई है। वहीं, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गया है। हाईवे के बंद होने से उत्तरकाशी के जिला पंचायत अध्यक्ष सहित परीक्षा देने जा रहे दर्जनों छात्र धरासू में फंसे गए हैं।

अतिवृष्टि से जिले में डाबर कोट में भूस्खलन होने से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से बंद है। इससे कई दर्जन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
उधर, गंगोत्री हाईवे भी धरासू और आगे बंद पड़ा हुआ है। श्रीनगर तिलवाड़ा मोटरमार्ग भारी मलबा आने से जगह-जगह बंद पड़ा हुआ है। रविवार रात्रि भारी बारिश से उत्तरकाशी उजेली में कैलाश आश्रम सहित दर्जनभर गांवों में जलभराव की स्थिति से लोग संकट में हैं। प्रशासन भी लोगों को मदद पहुंचाने के लिए पूरी तरह से जुटा हुआ है।
सोमवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरा करने के लिए चिन्यालीसौड़ से उत्तरकाशी जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण धारासू में सड़क मार्ग बंद होने से फंसे हुए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि भारी बारिश से गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद हो गया है। चिन्यालीसौड़ एवं ब्रह्मखाल क्षेत्र के दर्जनों छात्र सड़कों पर फंसे हुए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि उत्तरकाशी जिले की कंकरारी, मांडो, सिरोर आदि गांव में बादल फटने से जनहानि हुई है। उन्होंने कहा है कि स्वयं आपदा प्रभावित गांवों का भ्रमण कर प्रभावितों की हरसंभव मदद करूंगा।
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जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मांडों गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। खतरे की जद में आये आवासीय भवनों को खाली करने के दिये निर्देश हैं।
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