न्यूयार्क: अमेरिका ने अपनी इमिग्रेशन नीति को और सख्त करते हुए बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के मुताबिक, पिछले एक साल में 1 लाख से अधिक वीजा रद्द किए गए हैं। यह आंकड़ा अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और अमेरिका के कड़े रुख को साफ तौर पर दर्शाता है। इन रद्द किए गए वीजा में छात्र, पेशेवर और पर्यटक वीजा शामिल हैं, जबकि H-1B, L-1B और O-1 जैसी स्पेशल वीजा कैटेगरी भी इस कार्रवाई से अछूती नहीं रहीं।

क्यों रद्द किए गए इतने बड़े पैमाने पर वीजा
स्टेट डिपार्टमेंट के डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि वीजा रद्द होने के चार सबसे आम कारण ओवरस्टे, शराब पीकर गाड़ी चलाना (DUI), हमला और चोरी रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, करीब 8,000 छात्र वीजा और 2,500 स्पेशल वीजा रद्द किए गए। अधिकारियों का कहना है कि इन मामलों में सख्ती अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है। स्पेशल वीजा धारकों में से लगभग आधे मामलों में DUI की घटनाएं सामने आईं, जबकि अन्य मामलों में हमला, चोरी, बाल शोषण, ड्रग्स से जुड़े अपराध, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार जैसे आरोप शामिल रहे।
भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स पर बढ़ा असर
इस कड़े फैसले का असर भारतीय नागरिकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। भारतीय सरकार की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, साल 2025 में अब तक 3,155 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा चुका है। यह संख्या 2023 में 617 और 2024 में 1,368 मामलों की तुलना में कहीं अधिक है।
इसके अलावा, अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE ने 4,736 SEVIS रिकॉर्ड्स समाप्त किए हैं और 300 से ज्यादा छात्र वीजा रद्द किए गए हैं, जिससे अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की चिंता बढ़ गई है।
भारत पर सीधी पाबंदी नहीं, लेकिन जांच कड़ी
हालांकि भारत को किसी भी यात्रा प्रतिबंध सूची में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन कड़ी स्क्रीनिंग और निरंतर निगरानी के चलते भारतीयों पर असर बढ़ा है। अमेरिका ने भारत में H-1B और H-4 वीजा स्टैम्पिंग के दौरान जांच प्रक्रिया को और सख्त किया है। इसके साथ ही, ऑनलाइन गतिविधियों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की समीक्षा का दायरा भी बढ़ा दिया गया है।
ग्लोबल स्तर पर वीजा की समीक्षा
स्टेट डिपार्टमेंट ने अगस्त 2025 तक करीब 55 मिलियन विदेशी नागरिकों के वीजा की समीक्षा करने की घोषणा की थी। विदेश मंत्री मार्को रुबियो कई बार यह दोहरा चुके हैं कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है, जिसे नियमों के उल्लंघन पर कभी भी वापस लिया जा सकता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स को अब वीजा नियमों का पहले से कहीं ज्यादा सख्ती से पालन करना होगा। छोटी सी लापरवाही भी भारी परेशानी का कारण बन सकती है। अमेरिका की यह सख्त नीति वीजा धारकों के लिए एक नए और चुनौतीपूर्ण दौर की शुरुआत मानी जा रही है।
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