UP Assistant Professor Exam Cancelled: यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा निरस्त, इस वजह से योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक आचार्य) भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली की गंभीर शिकायतें सामने आने के बाद योगी सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। यूपी एसटीएफ की जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा रद्द करने के निर्देश दिए।

धांधली की शिकायतों के बाद हरकत में आई सरकार
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 51 के अंतर्गत सहायक आचार्य पद के लिए अप्रैल 2025 में आयोजित परीक्षा में अनियमितताओं की सूचनाएं यूपी एसटीएफ को प्राप्त हुई थीं। इनमें परीक्षा में धांधली और अभ्यर्थियों से अवैध धन वसूली जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।

सीएम योगी ने दिए थे गोपनीय जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल गोपनीय जांच के आदेश दिए। इसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई तेज करते हुए पूरे मामले की गहन विवेचना शुरू की।

फर्जी प्रश्नपत्र गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान एसटीएफ ने 20 अप्रैल 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया। इस मामले में महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल नाम के तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों पर परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली के आरोप हैं। यह परीक्षा 16 और 17 अप्रैल 2025 को आयोजित की गई थी।

आयोग का कर्मचारी भी निकला आरोपी
एसटीएफ ने इस प्रकरण में लखनऊ के विभूति खंड थाने में एफआईआर दर्ज कराई। जांच की निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से तत्कालीन आयोग अध्यक्ष से त्यागपत्र भी लिया गया। जांच में सामने आया कि अभियुक्त महबूब अली निवर्तमान आयोग अध्यक्ष का गोपनीय सहायक था।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ के दौरान महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र निकाल लिए थे और उन्हें कई अभ्यर्थियों को धन लेकर उपलब्ध कराया। एसटीएफ की गहन विवेचना और डेटा एनालिसिस में उसकी स्वीकारोक्ति की पुष्टि भी हुई।

अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों की भी जांच
जांच के दौरान आरोपियों के पास से कुछ अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर मिले, जिनके आधार पर कई अन्य संदिग्ध नाम भी सामने आए। इसके बाद एसटीएफ ने आयोग को पत्र लिखकर संदिग्ध अभ्यर्थियों का डेटा मांगा। जांच में परीक्षा में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की पुष्टि हुई।

जांच के बाद परीक्षा रद्द करने का आदेश
एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को निरस्त करने के आदेश जारी किए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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