नई दिल्ली: उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड ने राजधानी दिल्ली में नया रिकॉर्ड बना दिया है। मंगलवार को दिल्ली ने जनवरी महीने की अब तक की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की, जब न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यह बीते तीन वर्षों में जनवरी की सबसे सर्द सुबह रही। सफदरजंग वेधशाला में दर्ज तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा।

शहर के अलग-अलग इलाकों में शीतलहर का असर
IMD के आंकड़ों के मुताबिक, पालम में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। लोधी रोड में पारा 3 डिग्री, रिज क्षेत्र में 4.4 डिग्री और अयानगर में 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री तक नीचे चला जाता है, तब शीतलहर की स्थिति घोषित की जाती है। दिल्ली में पिछले कई दिनों से कोल्ड वेव का असर बना हुआ है।
2023 के बाद जनवरी की सबसे सर्द सुबह
मौसम विभाग के अनुसार, इससे पहले जनवरी में इतनी ठंड 16 जनवरी 2023 को पड़ी थी, जब न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। IMD ने संकेत दिए हैं कि बुधवार को भी राजधानी में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है।
ठंड के साथ बिगड़ी हवा की गुणवत्ता
ठंड के साथ-साथ दिल्ली में प्रदूषण भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 337 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। SAMEER ऐप के मुताबिक, 29 मॉनिटरिंग स्टेशन ‘बहुत खराब’, 9 ‘खराब’ और एक स्टेशन ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा। आनंद विहार में हालात सबसे खराब रहे, जहां AQI 411 तक पहुंच गया।
बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड और प्रदूषण का संयुक्त असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर अधिक पड़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन फिलहाल ठंड से बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है।
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