हरारे। युवा विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के 175 रन की बदौलत भारत ने शुक्रवार को यहां फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर रिकॉर्ड छठी बार आईसीसी अंडर-19 विश्व कप खिताब जीता। भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में ट्रॉफी जीती थी। 14 वर्षीय सूर्यवंशी ने सिर्फ 80 गेंद में शानदार 175 रन बनाए। उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया और यह मुकाम 71 गेंदों में हासिल किया। इससे भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 411 रन का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और कालेब फाल्कनर के 115 रन की शतकीय पारी के बावजूद आखिरकार 311 रन पर ऑल आउट हो गया।
सूर्यवंशी ने यह पारी तब खेली जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। उन्होंने सिर्फ 32 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसी अंदाज में खेलते हुए दूसरा अर्धशतक सिर्फ 23 गेंद में बना लिया। उनकी 175 रन की पारी में से 150 रन सिर्फ बाउंड्री से ही आए जिसमें 15 छक्के और इतने ही चौके शामिल थे। इस पारी के दौरान उन्होंने विपक्षी टीम के गेंदबाजों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ा दी। अब उनके नाम युवा वनडे पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने दिसंबर में दुबई में संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ अपने ही 14 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। सूर्यवंशी के नाम अब अंडर-19 क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन (71 गेंद में) बनाने का रिकॉर्ड भी है। उन्होंने टूर्नामेंट में पहले इसी मैदान पर इंग्लैंड के बेन मेयेस के रिकॉर्ड को बेहतर बनाया जिन्होंने 98 गेंद में 150 रन बनाए थे।
सूर्यवंशी के दबदबे का अंदाजा इससे ही लग जाता है कि उनके 100 से 150 रन तक पहुंचने के दौरान दूसरे छोर पर खड़े वेदांत त्रिवेदी ने सिर्फ चार गेंदों का सामना किया। सूर्यवंशी की बल्लेबाजी इतनी जबरदस्त थी कि आधे मैच तक भारत का रन रेट लगभग 10 था और उस चरण पर टीम का अनुमानित स्कोर 500 था। बिहार के समस्तीपुर का यह खिलाड़ी दो घंटे से भी कम समय में क्रिकेट की दुनिया को हैरान करने के बाद 26वें ओवर में मैनी लम्सडेन की शॉर्ट गेंद को स्कूप करने की कोशिश में आउट हो गया। विकेटकीपर थॉमस रियू ने उनका कैच लपका। इंग्लैंड के खिलाड़ी सूर्यवंशी को ऐसी पारी पर बधाई देने के लिए उनकी ओर दौड़े जो विश्व कप फाइनल में अक्सर देखने को नहीं मिलती। सूर्यवंशी ने अपने कप्तान आयुष म्हात्रे (51 गेंद में 53 रन) के साथ सिर्फ 19 ओवर में 142 रन बनाए।
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— BCCI (@BCCI) February 6, 2026
म्हात्रे अपना अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद आउट हो गए। सूर्यवंशी ने अकेले इसी चरण में 22 छक्के लगा दिए और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस को पीछे छोड़ दिया जिन्होंने 2022 में 18 छक्कों का रिकॉर्ड बनाया था। सूर्यवंशी इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। उन्होंने इंग्लैंड के सभी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर राल्फी अल्बर्ट और आॅफ-स्पिनर फरहाद अहमद पर क्रमश: 27 और 22 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद अभिज्ञान कुंडू (31 गेंद में 40 रन), वेदांत त्रिवेदी (36 गेंद में 32 रन), विहान मल्होत्रा (36 गेंद में 30 रन) और कनिष्क चौहान (20 गेंद में नाबाद 37 रन) ने उपयोगी योगदान दिया। भारत 400 रन के पार पहुंचकर जीत का प्रबल दावेदार बन गया था और उनके गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कुछ हद तक यह उपलब्धि अतीत की विश्व स्तरीय भारतीय अंडर-19 टीम के कारनामों से मिलती-जुलती थी जिसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी शामिल थे।
लेकिन आयुष म्हात्रे की अगुवाई वाली इस टीम ने अपनी अलग पहचान बनाई, विशेषकर बल्लेबाजी के मामले में और सूर्यवंशी नाम के उस तूफानी खिलाड़ी से बेहतर इसका उदाहरण कोई नहीं हो सकता। इंग्लैंड ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए। फाल्कनर आउट होने वाले अंतिम खिलाड़ी रहे। इस बड़े स्कोर से भारतीय गेंदबाज भी आत्मविश्वास से भरे दिख रहे थे। उन्होंने भी अच्छी गेंदबाजी की जिसमें आर एस अंबरीश ने तीन विकेट जबकि दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने दो दो विकेट हासिल किए। इंग्लैंड के लिए बेने मेयेस ने 45 रन और कप्तान थॉमस रियू ने 31 रन बनाए।



