
काबुल/इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच तनाव अब खुली दुश्मनी में बदलता दिख रहा है। बीते 21 फरवरी को शुरू हुई झड़पें आज 27 फरवरी को उस वक्त तेज हो गईं जब पाकिस्तान ने ऑपरेशन ग़ज़ाब लिल हक के तहत अफ़गान राजधानी काबुल समेत कई इलाकों में हवाई हमले किए। जवाब में, अफ़गान तालिबान ने पाकिस्तानी मिलिट्री बेस पर हमले तेज़ कर दिए। दोनों देश भारी नुकसान का दावा कर रहे हैं। हालांकि इन आंकड़ों की अभी तक अलग से पुष्टि नहीं हुई है। लड़ाई में कई लोगों के मारे जाने का भी दावा किया जा रहा है।
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संघर्ष में नया मोड़
जी हां डुरंड लाइन पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष में नया मोड़ आ गया है। तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया है। अफगान मीडिया और प्रो-तालिबान सोशल मीडिया अकाउंट्स पर वायरल वीडियो में जलता हुआ मलबा दिखाया गया है, जिसमें पाकिस्तानी झंडा और सीरियल नंबर 85510 (या 85610) नजर आ रहा है।

दावा किया जा रहा है कि यह अमेरिका निर्मित F-16 फाइटर जेट है, जो अफगान हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर रहा था। हालांकि, पाकिस्तान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विशेषज्ञों और फैक्ट-चेकर्स ने वीडियो को फेक या AI-जनरेटेड बताया है।
बॉर्डर पर ताजा संघर्ष की शुरुआत
डुरंड लाइन (पाक-अफगान बॉर्डर) पर पिछले कुछ दिनों से गोलीबारी और हमले बढ़े हैं। पाकिस्तान ने TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक्स कीं, जिन्हें अफगानिस्तान में घुसपैठ बताया गया। पाकिस्तान ने ऑपरेशन गजब लिल हक शुरू किया और दावा किया कि 133 से ज्यादा तालिबानी लड़ाकों को मार गिराया गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे “ओपन वॉर” घोषित करते हुए कहा कि अब धैर्य खत्म हो चुका है।
इसके बाद तालिबान ने भी जवाबी कार्रवाई में दावा किया और बताया के उन्होंने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है। साथ ही 19 पाकिस्तानी पोस्ट और 2 बेस पर कब्जा कर लिया है। अफगान डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि पाकिस्तानी विमान अफगान एयरस्पेस में घुसा था, जिस पर रॉकेट लॉन्चर से हमला किया गया। Tolo News (अफगान मीडिया) ने स्रोतों के हवाले से रिपोर्ट किया कि विमान को गिराया गया और मलबा जलता हुआ मिला।
अफगान मीडिया और प्रो-तालिबान X अकाउंट्स (@AFGDefense आदि) ने वीडियो शेयर किया, जिसमें जलता मलबा दिखाया गया है। कैप्शन में लिखा है यह पाकिस्तानी मिलिट्री F-16 है, अमेरिका में बना, जिसे अफगान डिफेंस फोर्सेस ने गिराया। वीडियो में पाकिस्तानी झंडा और नंबर 85510 (कुछ में 85610) दिख रहा है। दावा है कि यह F-16 Fighting Falcon था, जो पाकिस्तान की सबसे कीमती एसेट्स में से एक है। पाकिस्तान एयर फोर्स के पास अमेरिका से मिले करीब 75-80 F-16 हैं। ये हाई-स्पीड, एडवांस्ड रडार और लॉन्ग-रेंज मिसाइलों से लैस हैं।
अमेरिका ने इन्हें इस्तेमाल की शर्तों के साथ दिया है, मुख्यतौर पर आतंकवाद विरोधी ऑपरेशंस के लिए। पाकिस्तान का दूसरा मुख्य फाइटर JF-17 थंडर (चीन-पाकिस्तान जॉइंट) है, जिसके 150+ हैं।
अफगान एयर डिफेंस की क्षमता
तालिबान के पास कोई आधुनिक एयर फोर्स या हाई-एल्टीट्यूड एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे S-300, Patriot) नहीं है। 2021 में अमेरिकी वापसी के बाद अफगान एयर फोर्स के ज्यादातर विमान नष्ट या कब्जे में आए, लेकिन तालिबान के पास मुख्यतौर पर ग्राउंड फोर्सेस, MANPADS (जैसे स्टिंगर-टाइप शोल्डर-फायर्ड रॉकेट्स) और पुराने सिस्टम हैं। F-16 या JF-17 जैसे हाई-एल्टीट्यूड फाइटर को रॉकेट लॉन्चर से गिराना बेहद मुश्किल है, क्योंकि ये 40,000+ फीट पर उड़ते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन कई यूजर्स और फैक्ट-चेकर्स ने इसे फेक बता बता रहे हैं। X के Grok AI ने कहा कि कोई विश्वसनीय सोर्स ने पाकिस्तानी विमान क्रैश की पुष्टि नहीं की। वीडियो में विमान का साइज F-16 से मैच नहीं करता, और यह AI-जनरेटेड लगता है। कई न्यूज चैनल ने भी अपने फैक्ट-चेक में कहा कि वीडियो मिसलीडिंग है। पाकिस्तान ने कहा कि सभी एयरक्राफ्ट सुरक्षित लौटे, कोई पायलट मिसिंग नहीं।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान आर्मी और सरकार ने दावे को “प्रोपगैंडा” बताया। उन्होंने कहा कि, ऑपरेशन सफल रहा, TTP के कई ठिकाने नष्ट हुए। कोई विमान क्रैश, पायलट लॉस या F-16 डैमेज की रिपोर्ट नहीं है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर TTP को शेल्टर देने का आरोप लगाया।
डुरंड लाइन विवाद
डुरंड लाइन 1893 का ब्रिटिश-अफगान समझौता है, जिसे अफगानिस्तान ने हमेशा मानने से इनकार किया और इस बॉर्डर पर TTP, Baloch separatists और अन्य ग्रुप्स सक्रिय हैं। पाकिस्तान TTP को अफगानिस्तान में बेस मानता है, जबकि तालिबान पाकिस्तान पर हमलों का आरोप लगाता है। हाल के महीनों में एयरस्ट्राइक्स और गोलीबारी बढ़ी है।
दावा प्रोपगैंडा का हिस्सा
आफ़गनिस्तान के ये दावा अनवेरिफाइड है और प्रोपगैंडा का हिस्सा लगता है। अगर सच होता तो पाकिस्तान बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया देता। दोनों पक्ष कैजुअल्टी फिगर्स बढ़ा-चढ़ाकर बता रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय (ईरान, चीन) मध्यस्थता की पेशकश कर रहा है। यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है।
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