सूर्य गोचर 2026: बुधादित्य योग बनाएगा सूर्य का ये गोचर, सिंह समेत इन राशियों को मिलेगा लाभ ही लाभ

सनातन धर्म में ग्रह-नक्षत्रों का विशेष महत्व है। ग्रहों की चाल मनुष्य के जीवन पर शुभ या अशुभ प्रभाव डालती है। ये व्यक्ति की जन्म कुंडली में स्थित होकर स्वास्थ्य, धन, विवाह, संतान, करियर और मोक्ष जैसे जीवन के सभी पहलुओं को नियंत्रित करते हैं। ब्रह्मांड के ये खगोलीय पिंड मानव जीवन, कर्म, भाग्य और आध्यात्मिक यात्रा पर गहरा प्रभाव डालते हैं। सनातन परंपरा में सभी नौ ग्रह सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु नाम के देवताओं के रूप में पूजे जाते हैं। ये व्यक्ति की जन्म कुंडली में स्थित होकर स्वास्थ्य, धन, विवाह, संतान, करियर और मोक्ष जैसे जीवन के सभी पहलुओं को नियंत्रित करते हैं।

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कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य

 ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि, ज्योतिष जगत में एक महत्वपूर्ण गोचर होने जा रहा है। दरअसल, 13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को सूर्य मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। इस दौरान कुंभ में पहले से विराजमान बुध के साथ सूर्य की युति बनेगी, जिससे बुधादित्य योग बनेगा। ज्योतिष शास्त्र में यह योग अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है, क्योंकि सूर्य ग्रह आत्मा, नेतृत्व, सम्मान और बुध ग्रह बुद्धि, संचार, व्यापार, क्रिएटिविटी की यह संयुक्त शक्ति बुद्धिमत्ता, सफलता और रचनात्मकता को बढ़ावा देती है।

शिक्षा, करियर, व्यापार में होगा लाभ 

इस गोचर में गुरु की दृष्टि भी इस योग पर पड़ रही है, जो इसे और अधिक शक्तिशाली बना रही है। सूर्य की सप्तम दृष्टि कुंभ पर रहेगी, जिससे कई राशियों के लिए शिक्षा, करियर, व्यापार और व्यक्तिगत विकास में उल्लेखनीय लाभ के योग बन रहे हैं। विशेष रूप से सिंह राशि सहित कुछ राशियां इस योग से सबसे अधिक प्रभावित होंगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि, बुधादित्य योग के प्रभाव से किन-किन राशियों को क्या लाभ मिल सकता है।

 

 मेष 

 मेष 

बुधादित्य योग मेष राशि के 11वें भाव (लाभ भाव) में बन रहा है। यह स्थिति आय के नए स्रोत खोलने वाली साबित होगी। शिक्षा के क्षेत्र में विशेष सफलता मिल सकती है, उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। सामाजिक दायरा विस्तारित होगा, सम्मान में वृद्धि होगी। भाई-बहनों से पूरा सहयोग मिलेगा। भौतिक सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। व्यापारियों को उन्नति के रास्ते मिल सकते हैं, निवेश से लाभ के योग मजबूत हैं। कुल मिलाकर, यह गोचर मेष वालों के लिए धन-लाभ और सामाजिक प्रतिष्ठा का दौर लाएगा।

मिथुन 

मिथुन 

मिथुन राशि के लिए यह योग नवम भाव (भाग्य भाव) में बन रहा है। भाग्य में अचानक वृद्धि के मजबूत संकेत हैं। धर्म-कर्म और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, मानसिक शांति प्राप्त होगी। शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन होगा, नए अवसर मिलेंगे। उच्च शिक्षा या विदेशी कोर्स के मार्ग प्रशस्त होंगे। पिता और गुरुजनों से मार्गदर्शन मिलेगा, जो जीवन में नई दिशा देगा। लंबी यात्राएं (देश-विदेश) लाभदायक साबित होंगी। यह गोचर मिथुन वालों के लिए भाग्योदय और ज्ञान वृद्धि का सुनहरा समय होगा।

सिंह 

सिंह 

सिंह राशि के लिए बुधादित्य योग सप्तम भाव (साझेदारी और जीवनसाथी भाव) में बनेगा। यह योग व्यापार में विशेष लाभकारी साबित होगा। साझेदारी वाले कामों में सफलता मिलेगी, कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। समाज में नाम और मान-सम्मान बढ़ेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा, जीवनसाथी से पूरा सहयोग मिलेगा। ससुराल पक्ष से भी लाभ के योग बन रहे हैं। बुद्धि और रचनात्मकता से करियर में तरक्की होगी। यह गोचर सिंह राशि वालों के लिए वैवाहिक सुख, व्यापारिक सफलता और सामाजिक प्रतिष्ठा का मजबूत दौर लाएगा।

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तुला  

तुला  

तुला राशि के लिए यह योग पंचम भाव (संतान, शिक्षा, क्रिएटिविटी भाव) में बनेगा। शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय लाभ होगा, करियर में नई ऊंचाइयां छूने के अवसर मिलेंगे। ज्ञान में वृद्धि होगी, बुद्धि और क्रिएटिविटी से फायदा होगा। संतान से सुख प्राप्ति के योग हैं। लव लाइफ रोमांटिक और मधुर रहेगी, पार्टनर के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा, धन लाभ के संकेत मजबूत हैं। कार्यक्षेत्र में उच्च पद या प्रमोशन मिल सकता है। तुला वालों के लिए यह गोचर शिक्षा, संतान सुख और रचनात्मक सफलता का शुभ संयोग साबित होगा।

करें ये उपाय

ज्योतिषी कहते हैं कि, बुधादित्य योग आमतौर पर बुद्धिमत्ता, संचार कौशल, व्यापारिक सफलता और सरकारी कामों के लिए लाभदायक होता है। जब यह योग गुरु की दृष्टि से प्रभावित होता है, तो फल और अधिक शुभ हो जाते हैं। हालांकि, गोचर का प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है। सूर्य के कुंभ गोचर के साथ 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण भी होने वाला है, जो कुंभ में ही होगा, इसलिए इस दौरान सावधानी बरतें और सूर्य को अर्घ्य दें।

यह गोचर 13 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक रहेगा। इन राशियों के अलावा अन्य राशियां भी अप्रत्यक्ष लाभ उठा सकती हैं। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि सूर्य गोचर के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए सूर्य को जल अर्पित करें, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और रविवार को गेहूं का दान करें।

 

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