काराकस: वेनेजुएला में राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। राजधानी काराकस में राष्ट्रपति भवन और उसके आसपास के इलाकों में भारी गोलीबारी की खबर सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात तक गोलियों की आवाजें सुनाई देती रहीं, वहीं कुछ इलाकों में अचानक बिजली गुल हो गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
राष्ट्रपति भवन के ऊपर उड़ते दिखे ड्रोन
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन के ऊपर अज्ञात ड्रोन या हवाई गतिविधि देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। इसी दौरान अचानक फायरिंग शुरू हो गई। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरते हुए जवाबी कार्रवाई की। हालांकि बाद में प्रशासन की ओर से दावा किया गया कि स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है।
गोलीबारी के बाद कई इलाकों में बिजली गुल
घटना के दौरान काराकस के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। संचार सेवाएं भी आंशिक रूप से प्रभावित रहीं। लोगों में दहशत का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
व्हाइट हाउस का बयान, अमेरिका ने किया इनकार
राष्ट्रपति भवन के पास हुई गोलीबारी और ड्रोन गतिविधि के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अमेरिका पर सवाल उठने लगे। हालांकि व्हाइट हाउस ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि वेनेजुएला में हुई इस घटना में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा
बताया जा रहा है कि यह घटना 3 जनवरी को अमेरिकी ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद हुई है। मादुरो को फिलहाल न्यूयॉर्क की जेल में रखा गया है, जबकि वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिग्ज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में 80 लोगों की मौत का दावा
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, मादुरो की गिरफ्तारी के बाद हुए अमेरिकी सैन्य अभियान और हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 80 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात प्रेसिडेंशियल गार्ड के जवान, वेनेजुएला सेना के सैनिक और कई आम नागरिक शामिल हैं। काराकस में रिहायशी इलाकों के पास हुई गोलीबारी और बमबारी में बच्चों के भी हताहत होने की खबरें सामने आई हैं।
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