नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि और चंद्रमा की संबंधी स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील मानी जाती है। जब शनि चंद्रमा पर दृष्टि डालते हैं तो चंद्रमा की ऊर्जा नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है। 27 जनवरी को शाम 4 बजकर 45 मिनट पर चंद्रमा मेष राशि से वृषभ राशि में गोचर करेंगे। इसी समय शनि मीन राशि में स्थित हैं, और उनकी तृतीय दृष्टि चंद्रमा पर पड़ेगी। तृतीय दृष्टि को ज्योतिष में अत्यंत नकारात्मक माना जाता है, इसलिए कुछ राशियों को इस समय जीवन में सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।
वृषभ राशि
इस राशि के जातकों के लिए चंद्रमा पर शनि की तृतीय दृष्टि मानसिक अशांति और नकारात्मक भावनाओं का कारण बन सकती है। करियर और पारिवारिक जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय 30 जनवरी से पहले लेने से बचें। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। उपाय के रूप में शिव मंत्रों का नियमित जप करने की सलाह दी जाती है।
कर्क राशि
कर्क राशि के लिए चंद्रमा उनके स्वयं के स्वामी हैं, इसलिए शनि की तृतीय दृष्टि भावनात्मक अस्थिरता ला सकती है। छोटी-छोटी बातों से चिढ़ने और तनाव में रहने की संभावना रहती है। कार्यक्षेत्र में स्थितियां प्रतिकूल हो सकती हैं और आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। उपाय के तौर पर शिवलिंग पर जल अर्पित करना लाभकारी होगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लोगों के लिए भी यह गोचर नकारात्मक प्रभाव ला सकता है। बने-बनाए कार्य बिगड़ सकते हैं और निर्णय क्षमता प्रभावित हो सकती है। मेहनत का उचित फल न मिलने पर चिंता बढ़ सकती है। सामाजिक स्तर पर वाणी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। उपाय के तौर पर काले तिल का दान करना शुभ रहेगा।
इस दिन अपने कार्य और भावनाओं में संयम बनाए रखना सभी के लिए आवश्यक है। ध्यान, पूजा और सही उपायों से शनि की तृतीय दृष्टि के नकारात्मक प्रभाव कम किए जा सकते हैं।
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