जामनगर रिफाइनरी में रूसी तेल की आपूर्ति पूरी तरह बंद : रिलायंस

नयी दिल्ली | रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मंगलवार को आधिकारिक बयान जारी कर रूसी तेल के आयात को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पिछले तीन सप्ताह से उसे रूस से तेल की एक भी खेप (बैरल) प्राप्त नहीं हुई है और जनवरी 2026 में भी इसकी कोई उम्मीद नहीं है।

रिलायंस ने वैश्विक वित्तीय समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट को “पूरी तरह से असत्य” करार दिया, जिसमें दावा किया गया था कि रूसी तेल से लदे तीन जहाज जामनगर रिफाइनरी के लिए रवाना हो रहे हैं। कंपनी ने कहा:

“रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी को पिछले तीन हफ्तों से कोई रूसी तेल नहीं मिला है। यह रिपोर्ट हमारी छवि को धूमिल करने वाली है, क्योंकि हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जनवरी में ऐसी कोई आपूर्ति निर्धारित नहीं है।

 

रिलायंस ने 20 नवंबर 2025 को ही यह घोषणा कर दी थी कि वह अपनी निर्यात-विशिष्ट (SEZ) रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का उपयोग बंद कर रही है। इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं।

  • यूरोपीय संघ ने रूसी कच्चे तेल से बने ईंधन के आयात और बिक्री पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। चूंकि यूरोप रिलायंस के लिए एक बड़ा बाजार है, इसलिए कंपनी ने अपनी SEZ इकाई को रूसी तेल से मुक्त रखने का फैसला किया।अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने के कारण भारत पर जुर्माने के तौर पर 25% शुल्क लगाया है, जिससे आयात की लागत और भू-राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।जामनगर परिसर में दो इकाइयां हैं। SEZ इकाई अब केवल गैर-रूसी तेल का उपयोग करेगी ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों (US, EU) में निर्यात सुचारू रहे, जबकि पुरानी इकाई घरेलू जरूरतों को पूरा करती है।

उद्योग जगत के सूत्रों और डेटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर के अनुसार, जिन तीन टैंकरों (लगभग 22 लाख बैरल यूराल तेल) का जिक्र रिपोर्ट में किया गया था, वे संभवतः भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की बीना रिफाइनरी के लिए थे। सिक्का बंदरगाह का उपयोग रिलायंस के अलावा अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी करती हैं, जिससे यह भ्रम पैदा हुआ।

Related Articles

Back to top button