देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और समाजसेवी बाबू जगजीवन राम की जयंती पर आज शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बाबू जगजीवन राम ने अपना पूरा जीवन गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि बाबूजी एक मजबूत और लोकतांत्रिक भारत चाहते थे। जब देश ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया, तब वे देश के रक्षा मंत्री थे। साथ ही आपातकाल के समय जब कई लोग चुप थे, तब बाबूजी ने खुलकर विरोध किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें ‘समता दिवस’ पर याद करते हुए कहा कि वे सामाजिक न्याय के प्रतीक थे और उन्होंने हमेशा कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लिखा कि बाबू जगजीवन राम ने दलितों और वंचितों के हक के लिए आजीवन संघर्ष किया और हमारे संविधान और लोकतंत्र को मजबूत बनाया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बाबूजी का जीवन शोषितों और वंचितों के लिए प्रेरणा है। बाबू जगजीवन राम न केवल एक स्वतंत्रता सेनानी थे बल्कि आजादी के बाद भी उन्होंने समाज के पिछड़े वर्गों के लिए लंबा संघर्ष किया। उनका योगदान भारत के लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की दिशा में अमूल्य रहा है।