सावित्री बाई फुले का जीवन शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक : अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जनपदों में देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जयंती सादगी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सावित्री बाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भारत में महिला शिक्षा की ज्योति जलाकर महिला सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करने वाली सावित्री बाई फुले एक महान समाज सेविका थीं। उन्होंने अपने साहस, संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा, समानता और महिला अधिकारों की अलख जगाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है।

अखिलेश यादव ने कहा कि सावित्री बाई फुले ने महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने रूढ़िवादी सोच के खिलाफ संघर्ष करते हुए लड़कियों के लिए पहला विद्यालय खोला, जहां वे स्वयं शिक्षिका के रूप में पढ़ाती थीं। उन्होंने विधवा पुनर्विवाह के समर्थन में आवाज उठाई और बाल विवाह व सती प्रथा जैसी कुप्रथाओं का खुलकर विरोध किया।

उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले का संघर्ष और योगदान आज भी समाज को बराबरी, शिक्षा और सम्मान का संदेश देता है, जिसे आगे बढ़ाने की जरूरत है।

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