जेपी नड्डा ने धार्मिक जुलूस के दौरान हिंसा को बीजेपी की चुनावी जीत से उत्पन्न ‘हताशा’ से जोड़ा

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को दावा किया कि हाल ही में रामनवमी और हनुमान जयंती पर निकाली गई शोभा यात्राओं के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा समाज को तोड़ने की एक ‘साजिश’ है, और कांग्रेस पर ‘सबसे गैर-जिम्मेदार’ तरीके से काम करने का आरोप लगाया. राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में यहां बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, नड्डा ने हिंसा को पांच राज्य विधानसभा चुनावों के हालिया परिणामों से जोड़ा, जिसमें बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया.

उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में बीजेपी को मिले ऐतिहासिक जनादेश ने कुछ लोगों को झकझोर कर रख दिया है. इसलिए हताशा में उन्होंने खुद को समाज को तोड़ने का काम करने वालों की साजिशों से जोड़ लिया है. इसके चलते, हनुमान जयंती और रामनवमी के दौरान जुलूस पर हमले हुए.” कर्नाटक में सत्तारूढ़ बीजेपी के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की पूर्ववर्ती सिद्धरमैया सरकार ने पीएफआई के सदस्यों को मुक्त कर दिया था.

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पीएफआई एक मुस्लिम संगठन है, जिस पर बीजेपी के कई नेताओं ने अतिवाद और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है. नड्डा ने कहा, ‘‘हमारी सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी.” उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने पर कांग्रेस आतंकवादियों को छोड़ देती है. उन्होंने कहा कि यह विघटन में शामिल ताकतों से अंदर ही अंदर मित्रता करती है, लेकिन बाहर इसके खिलाफ दिखावा करती है. बीजेपी नेता ने कहा, ‘‘उन्हें बेनकाब करना जरूरी है.”

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