फारूक अब्दुल्ला के बदले सुर, ‘भगवान राम सबके, सिर्फ हिंदू धर्म वालों के नहीं’

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने अखनूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सियासी दाव खेला। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘भगवान राम सबके हैं, सिर्फ हिंदू धर्म वालों के नहीं।’ अपने इस बयान के बाद से नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला मीडिया ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी चर्चाओं में आ गए है।

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘कोई मजहब बुरा नहीं होता है, पर जो इंजान भ्रष्ट होते हैं उनका कोई मजहब नहीं होता।’ इस दौरान फारूख अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे चुनाव के दौरान ‘हिंदू खरते’ में हैं का खूब इस्तेमाल करेंगे। लेकिन मेरी आपसे गुजारिश है कि आप इनके झांसे में न आएं। इसके साथ ही अब्दुल्ला ने 50 हजार वेकेंसियों की भी बात कही।

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अब्दुल्ला ने कहा कि, हमने कभी पाकिस्तान से हाथ नहीं मिलाया। जिन्ना मेरे पिता से मिलने आए थे, लेकिन हमने उनसे हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। हम इसके लिए खुश हैं, पाकिस्तान में लोग सशक्त नहीं हैं। इस दौरान बोलते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि, हमें यहां 50,000 नौकरियों का वादा किया गया था, वे कहां हैं? हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और हमारे बच्चे सभी बेरोजगार हैं। शुक्रवार को खबरें आई थी कि, फारुख अब्दुल्ला ने नेकां के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। लेकिन शाम को जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन खबरों का खंडन कर दिया।

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