
मेक्सिको। मेक्सिको में रविवार 22 फरवरी को एक बड़े सैन्य अभियान के दौरान देश के सबसे खूंखार और वांछित ड्रग लॉर्ड नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस एल मेंचो को मार गिराया गया। यह घटना जलिस्को राज्य के छोटे से शहर टापाल्पा में हुई, जहां मेक्सिकन आर्मी और स्पेशल फोर्सेस ने जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (सीजेएनजी) के सरगना को घेर लिया और उसे ढेर कर दिया।
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भड़का लोगों का गुस्सा
एल मेंचो की मौत से सीजेएनजी के सदस्यों का गुस्सा भड़क गया और बदले की कार्रवाई करते हुए उन्होंने देश के कई हिस्सों में हिंसा फैला दी। इस घटना से सड़कें जाम हो गईं, इमारतों को आग के हवाले किया जाने लगा। डर के मार लोग घरों में कैद हो गए हैं। हालात इतने बदतर जो गए कि, सेना को सड़कों पर उतरना पड़ा। वहीं राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबौम को भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
कैसे मारा गया एल मेंचो?

एक रिपोर्ट में मेक्सिकन डिफेंस मिनिस्ट्री के हवाले से बताया गया कि, यह ऑपरेशन अमेरिकी इंटेलिजेंस की मदद से किया गया। टापाल्पा में एल मेंचो के ठिकाने पर सुबह छापेमारी हुई, जहां भारी गोलीबारी हुई। ऑपरेशन में सीजेएनजी के चार सदस्य भी मारे गए, जबकि गंभीर रूप से घायल सदस्यों ने हेलीकॉप्टर में दम तोड़ दिया, जब उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहा था।
कई वर्षों से फरार था एल मेंचो
पुलिस अधिकारी ने बताया कि, एल मेंचो खुद गंभीर रूप से घायल था और उसे इलाज के लिए मेक्सिको सिटी अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी उसकी मौत हो गई। इस सैन्य कार्रवाई में तीन सैनिक भी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह ऑपरेशन सीजेएनजी के खिलाफ मेक्सिकन सरकार की अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि एल मेंचो पिछले कई सालों से फरार था और अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 15 मिलियन डॉलर (करीब 125 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित किया था।
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एल मेंचो कौन था
सीजेएनजी का खूंखार सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंटेस उम्र 59 वर्ष ने 2010 में सीजेएनजी की स्थापना की थी, जो जलिस्को राज्य से शुरू होकर अब मेक्सिको के ज्यादातर हिस्सों में फैल चुका है। यह कार्टेल फेंटेनिल, मेथमफेटामाइन, कोकीन और हेरोइन की तस्करी में प्रमुख है, खासकर अमेरिका में। सीजेएनजी को अपनी क्रूरता के लिए जाना जाता है। ये गुट अपने विरोधियों को जिंदा जला देता था, ड्रोन से हमले करता था और मिलिट्री-स्टाइल हथियारों का इस्तेमाल करता था।
एल मेंचो पूर्व पुलिस अधिकारी था, लेकिन बाद में वह ड्रग्स में आ गया और जल्द ही सीजेएनजी को मेक्सिको का सबसे ताकतवर और हिंसक कार्टेल बना दिया। माना जा रहा है कि, उसकी मौत से कार्टेल में सत्ता की लड़ाई शुरू हो सकती है, जिससे राज्य में हिंसा भड़क सकती है।
250 से अधिक सड़कें ब्लॉक
एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही सीजेएनजी के सदस्यों का गुस्सा भड़क गया और वे सड़क पर उतर आये। उन्होंने देश भर में लोगों पर हमले करने शुरू कर दिए। मेक्सिकन सिक्योरिटी कैबिनेट के अनुसार, उपद्रवियों ने 20 से ज्यादा राज्यों में 250 से अधिक रोड ब्लॉकेड कर दिए हैं। इन इलाकों में बसें, ट्रक और कारें जलाई गईं है। जलिस्को की राजधानी ग्वादालजारा में सड़कें खाली हो गईं, आसमान धुआं-धुआं हो गया है। कई शहरों में गोलीबारी की घटनाएं, इमारतों में आगजनी और सशस्त्र गुंडों द्वारा हाईवे ब्लॉक करना देखा गया।
ग्वादालजारा, मिचोआकन, गुआनाजुआतो और अन्य राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए। विदेशी पर्यटक, खासकर अमेरिकी, प्यूर्टो वालार्टा जैसे पर्यटन स्थलों में फंस गए हैं। अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी है।
राष्ट्रपति क्लाउडिया ने जारी किया बयान
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबौम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने लिखा है, देश के ज्यादातर हिस्सों में स्थिति सामान्य है। सभी राज्य सरकारों के साथ पूर्ण समन्वय है। लोग शांत रहें, सुरक्षित रहें और घरों में रहें। उन्होंने आर्मी, नेशनल गार्ड और सिक्योरिटी फोर्सेस की सराहना की और कहा कि, सरकार हर दिन शांति, सुरक्षा और न्याय के लिए काम कर रही है।

हालांकि, जानकारों का कहना हैं कि ‘किंगपिन स्ट्रैटेजी’ (कार्टेल लीडर्स को मारना) अक्सर हिंसा बढ़ाती है, क्योंकि कार्टेल टुकड़ों में बंट जाते हैं और सत्ता की लड़ाई छिड़ जाती है।
व्हाइट हाउस ने की पुष्टि
यह ऑपरेशन अमेरिकी इंटेलिजेंस की मदद से हुआ, जिसकी पुष्टि व्हाइट हाउस ने की। ट्रंप प्रशासन मेक्सिको पर ड्रग तस्करी रोकने के लिए दबाव बना रहा था, यहां तक कि अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की धमकी भी दी गई थी। एल मेंचो की मौत को अमेरिका ने ‘बड़ी सफलता’ बताया है, क्योंकि सीजेएनजी अमेरिका में फेटेनाइल ओवरडोज की मुख्य वजह है।
हालांकि, मेक्सिको सरकार ने अमेरिकी हस्तक्षेप का विरोध किया है और कहा है कि, यह संप्रभुता का उल्लंघन होगा।
बढ़ सकती है हिंसा
एल मेंचो की मौत से सीजेएनजी में नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है। जानकारों का मानना है कि, अगले कुछ दिनों में हिंसा और अधिक बढ़ सकती है, क्योंकि विभिन्न गुट सत्ता हथियाने की कोशिश करेंगे। मेक्सिको में ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ लड़ाई लंबी चल रही है, जहां हजारों लोग मारे जा चुके हैं। यह घटना शेनबौम सरकार के लिए चुनौती है, जो कार्टेल्स पर काबू पाने का वादा कर चुकी है। फिलहाल, स्थिति बेकाबू है और लोग घरों में कैद हैं।
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