संकट में नहीं है लोकतंत्र, राहुल गांधी पर बिफरीं स्मृति ईरानी

संसद के दोनों सदनों में पक्ष और विपक्ष दोनों हमलावर हैं। विपक्ष का कहना है कि क्या ईडी और सीबीआई सिर्फ विपक्षी नेताओं के लिए है। सरकार गौतम अडानी की जांच क्यों नहीं करा रही है। ईडी सीबीआई की छापेमारी अडानी की फर्मों पर क्यों नहीं हो रही। इसके साथ ही सत्ता पक्ष का कहना है कि राहुल गांधी को यह समझ में नहीं आता कि वो मोदी विरोध करते करते कब देश का विरोध करने लगते हैं। हकीकत तो यह है कि भारत में लोकतंत्र ना तो कमजोर और ना ही किसी तरह से खतरा है।

स्मृति ईरानी ने कहा कि वो राहुल गांधी से पूछना चाहती है कि आपने विदेश में कहा कि आपको देश के किसी भी विश्वविद्यालय में बोलने का अधिकार नहीं है। अगर ऐसा है तो 2016 में जब दिल्ली की एक यूनिवर्सिटी में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ का नारा लगा तो आपने उसका समर्थन किया, वो क्या था?

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राहुल गांधी माफी मांगें

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मांग की कि वायनाड के सांसद भारत के खिलाफ अपने अलोकतांत्रिक बयान के लिए माफी मांगें। मिस्टर गांधी लोकतंत्र खतरे में नहीं है, लेकिन कांग्रेस पार्टी को भारत के लोगों द्वारा राजनीतिक विनाश के लिए लाया गया है, जो आपने विदेशों में देश के खिलाफ प्रदर्शन किया था।आज, प्रत्येक भारतीय नागरिक भारतीय संसद से माफी की मांग करता है, जो केवल सांसदों का समामेलन नहीं है, बल्कि भारतीय लोगों की सामूहिक आवाज है, और भारतीय लोगों की इच्छा का संवैधानिक प्रतिबिंब है।गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार की आलोचना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच गतिरोध के कारण मंगलवार को संसद की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी।

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