कोरोना की तीसरी लहर कम खतरनाक लेकिन सतर्कता जरूरी: आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोग कोरोना से भागें नहीं। उसका डटकर सामना करना है। कोरोना की तीसरी लहर से उतना खतरा नहीं है। बावजूद इसके हमें सतर्क रहना होगा। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का खास ख्याल रखना होगा। वह मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें। जो लोग कोविड टीका नहीं लगवाए हैं, वह जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने रविवार को केजीएमयू में कोविड सेंटर के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से कहा कि इस सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना की तीसरी लहर देश और दुनिया में आ चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले दो वर्ष से जिस बेहतरीन ढंग से कोरोना प्रबंधन का कार्य चल रहा है, उसमें उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका है। विशेषज्ञों की आशंका के अनुरूप तीसरी लहर की देश और प्रदेश ने तैयारी की। यह तीव्र तो है लेकिन उतना खतरनाक नहीं है। इसीलिए रात्रिकालीन कर्फ्यू ही लागू किया गया है।

मौजूदा समय प्रदेश में कोरोना के एक लाख तीन हजार एक्टिव केस हैं। उनमें से एक लाख एक हजार से अधिक होम आइसोलेशन में हैं। लखनऊ में दो हजार 300 आज केस आए हैं। 16 हजार 200 एक्टिव मामले हैं। कुल 128 मामले ऐसे हैं जो अस्पतालों में गये हैं। यह वही लोग हैं जो किसी बीमारी से ग्रसित हैं। इनमें भी ज्यादातर लोग आइसोलेसन में हैं। सबसे ज्यादा लखनऊ में केस आ रहे हैं। इसलिए केजीएमयू सेंटर का निरीक्षण किया। मरीजों से भी मुलाकात की।

योगी ने कहा कि पीजीआई के निदेशक, केजीएमयू के वीसी समेत अन्य विशेषज्ञों की एक टीम भी गठित की है। वह कमेटी अपना परामर्श देती है। विशेषज्ञों की नजर इस लहर पर है। भारत की कोविड वैक्सीन काफी प्रभावी है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज ही के दिन 16 जनवरी 2021 को वैक्सीन अभियान का आरम्भ किया था। अकेले उत्तर प्रदेश में 22 करोड़ 87 लाख से अधिक कोरोना रोधी वैक्सीन की डोज लग चुकी है। 15-17 साल के 16 लाख युवकों को वैक्सीन की डोज दी गयी है। वरिष्ठ नागरिकों और हेल्थ वर्कर को तीन लाख 87 हजार बूस्टर डोज उपलब्ध कराई गयी है।

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उन्होंने बताया कि वयस्कों को 14 करोड़ प्रथम डोज और आठ करोड़ दूसरी डोज दी गयी है। लखनऊ में 72 फीसदी वयस्क लोग वैक्सीन ले चुके हैं। सबसे ज्यादा वैक्सीन देने वाला और कोविड की जांच करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। हर गांव पंचायत में निगरानी समितियां काम कर रही हैं। आज प्रदेश का प्रत्येक जिला आक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर है। लखनऊ में 36 प्लांट आवंटित किये गये हैं। उनमें से 29 काम करना शुरू कर दिए हैं। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। इस महामारी से भागने की जरूरत नहीं है। प्रदेश और केन्द्र सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए अपने जीवन को आगे बढ़ाएं। परेशान होने की जरूरत नहीं है। कोरोना से भागें नहीं, बल्कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को बचाना है।

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