कांग्रेस नेता गुरदीप सप्पल और परिवार का नाम एसआईआर में मतदाता सूची से कटा,आयोग ने दिया जवाब

नोएडा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने बुधवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी मसौदा सूची से उनका और उनके पूरे परिवार का नाम हटा दिया गया है। हाल ही में गाजियाबाद से नोएडा स्थानांतरित हुए सप्पल ने इस पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर बीएलओ की कार्यप्रणाली पर आरोप लगाए।

सप्पल ने चिंता जताई कि क्या वे और उनके परिवार के सदस्य फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपने नाम मतदाता सूची में जुड़वा पाएंगे। इस पर निर्वाचन आयोग की ओर से जवाब देते हुए कहा गया कि बीएलओ ने नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की है और जिस प्रक्रिया के तहत वे फॉर्म-6 भरेंगे, उसी तरह अन्य लोग भी अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि उनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था और उनके माता-पिता के नाम भी उसी सूची में शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि आयोग के नियमों के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेज भी जमा किए गए थे, इसके बावजूद उनके नाम मसौदा सूची से हटा दिए गए।

सप्पल ने कहा, मैं स्वयं भारत के उपराष्ट्रपति के साथ कार्य कर चुका हूं और राज्यसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव रहा हूं। मैं कांग्रेस की सर्वोच्च समिति सीडब्ल्यूसी का सदस्य हूं और एसआईआर समेत कई मुद्दों पर आयोग में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी रहा हूं। यह सब बीएलओ जानते हैं, इसके बावजूद हमारा नाम काट दिया गया।

उन्होंने बताया कि पहले उनका निवास उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में था, लेकिन अब वे नोएडा विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित हो चुके हैं। सप्पल के अनुसार, उन्हें यह जानकारी दी गई कि एसआईआर प्रक्रिया में स्थानांतरित हुए मतदाताओं का नाम पुराने क्षेत्र की मतदाता सूची में बनाए रखने का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए उनका नाम हटा दिया गया।

उन्होंने कहा, मेरे जैसे करोड़ों सही मतदाता हैं। मैं तो शायद फॉर्म-6 भरकर अपने परिवार का नाम दोबारा जुड़वा लूंगा, लेकिन सवाल यह है कि कितने लोग ऐसा कर पाएंगे।

इस पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ‘एक्स’ पर जवाब देते हुए कहा कि बीएलओ ने अपना कार्य पूरी तरह नियमों के अनुसार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गाजियाबाद से नोएडा स्थानांतरित होने के कारण सप्पल और उनके परिवार के सदस्यों का नाम गाजियाबाद जिले की मतदाता सूची से हटाया गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, आपको और आपके परिवार के सदस्यों को गौतम बुद्ध नगर जिले की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना चाहिए। जिस प्रकार आप फॉर्म-6 भर सकते हैं, उसी प्रकार आपकी स्थिति में रहने वाले अन्य मतदाता भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया सरकारी मंथन के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...