WhatsApp Parental Control: दुनिया का सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी को और मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी जल्द ही Parental Control फीचर लॉन्च कर सकती है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों के WhatsApp अकाउंट पर सीधी निगरानी रख सकेंगे और उसे बेहतर तरीके से मैनेज कर पाएंगे।
टेस्टिंग फेज में नया फीचर, जल्द हो सकता है रोलआउट
फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग फेज में है और आने वाले अपडेट्स में इसे यूजर्स के लिए रोलआउट किए जाने की उम्मीद है। इस फीचर के आने से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर माता-पिता की चिंता काफी हद तक कम हो सकती है।
क्या है WhatsApp का नया Parental Control फीचर?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, WhatsApp एक सेकेंडरी अकाउंट सिस्टम पर काम कर रहा है, जो खासतौर पर बच्चों के इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। यह सेकेंडरी अकाउंट माता-पिता के प्राइमरी WhatsApp अकाउंट से लिंक रहेगा, जिससे पैरेंट्स बच्चों के अकाउंट से जुड़ी सेटिंग्स को कंट्रोल कर सकेंगे।
सेकेंडरी अकाउंट से कैसे बदलेगा बच्चों का WhatsApp अनुभव?
इस नए सिस्टम के तहत बच्चा अलग प्रोफाइल से WhatsApp का इस्तेमाल करेगा, लेकिन उस अकाउंट की कुछ गतिविधियों पर माता-पिता का कंट्रोल रहेगा। यह फीचर फिलहाल Android के बीटा वर्जन 2.26.1.30 में देखा गया है। अभी इसे आम यूजर्स के लिए जारी नहीं किया गया है और कंपनी ने इसकी लॉन्च डेट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
प्राइवेसी के साथ मिलेगी सुरक्षा
WhatsApp ने साफ किया है कि इस Parental Control फीचर में भी चैट और कॉल की प्राइवेसी पूरी तरह बनी रहेगी। माता-पिता बच्चों के मैसेज नहीं पढ़ पाएंगे, लेकिन सुरक्षा से जुड़े जरूरी कंट्रोल उनके हाथ में होंगे।
नया फीचर कैसे करेगा काम?
इस फीचर के जरिए माता-पिता बच्चों के अकाउंट पर कुछ पाबंदियां लगा सकेंगे। बच्चा सिर्फ सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स को ही मैसेज भेज सकेगा और कॉल कर पाएगा। इससे अनजान लोगों से संपर्क का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। साथ ही, सेकेंडरी अकाउंट की कुछ बेसिक गतिविधियों की जानकारी पैरेंट्स को मिल सकती है, लेकिन चैट कंटेंट पूरी तरह प्राइवेट रहेगा।
WhatsApp क्यों ला रहा है Parental Control फीचर?
डिजिटल युग में बच्चे कम उम्र में ही स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने लगे हैं। कई बार वे अनजाने में गलत कॉल्स या अजनबियों के संपर्क में आ जाते हैं। WhatsApp इस समस्या को ध्यान में रखते हुए यह फीचर ला रहा है, ताकि माता-पिता बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर सुरक्षित और सीमित नियंत्रण रख सकें।
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