भाजपा गठबंधन को चुनावी रणनीति की दी जा सकती है चुनौती, कांग्रेस चुनावों में सपा या बसपा के साथ होगा गठबंधन

विपक्षी गठबंधन के विभिन्न समीकरण विचार विमर्श उनके अनुसार होते हैं। उत्तर प्रदेश में सपा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूती दर्शाने की उद्देश्य से राष्ट्रीय फलक पर मजबूती का संकेत दिया है, वहीं कांग्रेस यूपी में मजबूत होने का इरादा दिखा रही है। अन्य दल भी अपने-अपने लाभ-हानि का मूल्यांकन कर आगे बढ़ रहे हैं। जीत या हार के पहले, सभी राजनीतिक पार्टियां मनोवैज्ञानिक तरीके से चुनौती लेने के प्रयास में जुटी हुई हैं। आपको बता दे, विपक्षी दलों की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक 17 से 18 जुलाई को बंगलोर में होने वाली है। इस बैठक की मेजबानी कांग्रेस करेगी, पहली बैठक पटना में हुई थी जहां जदयू-राजद गठबंधन ने मेजबानी की थी।

विपक्षी गठबंधन के सदस्यों में बनी गरमा गर्मी
आपको बता दे, विपक्षी गठबंधन के सदस्यों के बीच अलगाववादी चर्चाओं में गरमा गर्मी बनी हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस को मजबूत आधार मिलने की सम्भावना है। कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने यहां व्यक्तिगत रूप से बातचीत में यह बताया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के द्वारा बसपा को भी गठबंधन में शामिल करने का पूरा प्रयास जारी है।

भाजपा गठबंधन को चुनावी रणनीति की दी जा सकती है चुनौती
राष्ट्रीय स्तर पर मौजूदगी का प्रमाणीकरण भी महत्वपूर्ण है। समकालीन उत्तर प्रदेश के विश्लेषक और जेएनयू के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रोफेसर रवि श्रीवास्तव ने बताया है कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव और 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावो में बीजेपी की मजबूती देखी गई है। भाजपा गठबंधन को चुनावी रणनीति बनाकर ही चुनौती दी जा सकती है। कांग्रेस को यूपी में ज़मीन खो देने के बावजूद, वह कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संदेश दिया है।

सपा चार चुनाव हारने के बाद भी वोट को बढ़ाने का प्रयास किया
दूसरी ओर, सपा ने लगातार चार चुनाव हारने के बावजूद अपने आधार वोट को बढ़ाने का प्रयास किया है, जिससे दर्शकों को यह विश्वास दिलाया जा सके कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत विकल्प का हिस्सा है। इसका मतलब है कि चुनावी नतीजों के पहले, राजनीतिक पार्टियों को अपनी मजबूती का प्रमाणीकरण करना भी रणनीति का हिस्सा है। इसलिए, लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस और सपा के बीच समीकरण बन रहे हैं।

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