CM योगी ने बजट को बताया ‘विकसित भारत’ का मजबूत रोडमैप, कहा- ‘हर घोषणा को उतारेंगे धरातल पर’

लखनऊ। रविवार एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2026-27 पेश किया, जिसे लेकर अब तमाम राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आ रही है। विपक्ष जहां इसे अब तक सबसे खराब बजट बता रहा है, वहीं सत्ता इसकी जमकर तारीफ कर रहा है।  इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बजट की सराहना की है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तैयार विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी, सर्वसमावेशी और विकासोन्मुखी बजट बताया।

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सीएम योगी ने बजट को बताया लोक कल्याणकारी

बजट

सीएम योगी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजट को “लोक-कल्याणकारी”, “युवा शक्ति-प्रेरित” और “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” की भावना से ओतप्रोत बताया। उन्होंने कहा, यह बजट पहली बार कर्तव्य भवन में तैयार हुआ है, जिसमें राष्ट्र के तीन प्रमुख कर्तव्यों को केंद्र में रखा गया है।

पहला- तेज आर्थिक विकास को तेज करना और स्थिर रखना।
दूसरा- नागरिकों की क्षमताओं का विस्तार करना और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करना।
तीसरा- हर परिवार, समुदाय, क्षेत्र और वर्ग तक समान अवसर पहुंचाना।

मुख्यमंत्री ने कहा, ये बजट 145 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने का स्पष्ट रोडमैप है। पिछले दशक में केंद्र सरकार द्वारा किए गए 350 से अधिक सुधारों- जैसे जीएसटी सरलीकरण, श्रम संहिताओं का कार्यान्वयन आदि  का सकारात्मक प्रभाव आज वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत भारतीय अर्थव्यवस्था के रूप में दिख रहा है। उन्होंने कहा, बजट में युवा शक्ति को मुख्य रूप से फोकस किया गया है, जो खासकर गरीबों, वंचितों और शोषित वर्गों को फोकस कर रहा है।

उत्तर प्रदेश के लिए लाभकारी

सीएम योगी ने बजट को उत्तर प्रदेश के लिए लाभकारी बताया। उन्होंने कहा, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के कायाकल्प और चैंपियन एमएसएमई बनाने की पहल प्रदेश के उद्योग, कृषि, ग्रामीण रोजगार और नवाचार को नई दिशा देगी। 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास से मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पशुपालन क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने से युवाओं और किसानों को अतिरिक्त आय के नए अवसर मिलेंगे।

 मुख्यमंत्री  ने कहा, 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन, ये एक अहम कदम है। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और आगरा जैसे शहर पहले ही म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी कर चुके हैं, इस प्रोत्साहन से प्रदेश के शहरी ढांचे को और सुदृढ़ीकरण मिलेगा। उन्होंने कहा, उच्च शिक्षा में प्रत्येक जिले में STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) संस्थानों के लिए एक-एक छात्रावास (विशेषकर लड़कियों के लिए) की स्थापना का फैसला युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और सुगम शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। स्वास्थ्य क्षेत्र में पांच मेडिकल हब की स्थापना होगी, जिनमें से एक यूपी के जिले वाराणसी में होगा। साथ ही पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना में राज्यों को सहायता मिलेगी, जिससे उत्तर प्रदेश को व्यापक लाभ होगा।

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स्टार्टअप और स्वरोजगार को मिलेगी गति

वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना, टेक्स-इकॉन, समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों कारीगरों और बुनकरों को नई ताकत प्रदान करेंगी। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट विनिर्माण, केमिकल पार्क, कंटेनर विनिर्माण और विरासत औद्योगिक क्षेत्रों के पुनरुद्धार से प्रदेश वैश्विक विनिर्माण मानचित्र पर मजबूत स्थान हासिल करेगा। बायोफार्मा शक्ति योजना से मेडिकल एजुकेशन, फार्मा पार्क और अनुसंधान गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा।एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की SME विकास निधि, लिक्विडिटी सपोर्ट और ‘कॉरपोरेट मित्र’ जैसी पहलें प्रदेश के सूक्ष्म, छोटे उद्यमों, स्टार्टअप और स्वरोजगार को नई गति देंगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन पर फोकस

बजट में पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने से भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास नीति को नई मजबूती मिलेगी। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स पार्क और नगरीय ढांचे के विकास में उत्तर प्रदेश को बड़ा लाभ मिलेगा। दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे हाई-स्पीड रेल मार्ग पूर्वांचल को राष्ट्रीय हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ेंगे, जिससे पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन में नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड के माध्यम से प्रमुख विरासत स्थलों का डिजिटल दस्तावेजीकरण होगा।

सारनाथ और हस्तिनापुर को देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया गया है, जो प्रदेश को गौरवान्वित करने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देगा। नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, जिसमें सरलीकृत नियम और फॉर्म होंगे, जिससे आम जन को सीधा लाभ मिलेगा। समग्र प्रभाव और सीएम का संदेशसीएम योगी ने वित्त मंत्री का हार्दिक आभार जताया और कहा कि, यह बजट विकास, विश्वास और अवसर को नई ऊंचाई देता है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, उत्तर प्रदेश इस बजट की हर घोषणा को धरातल पर उतारकर विकसित भारत के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने इसे नए भारत का बजट बताया, जो भविष्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

विपक्ष ने जताई निराशा

इधर,  विपक्ष जैसे कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राहुल गांधी और ममता बनर्जी आदि ने बजट को दिशाहीन और निराशाजनक करार दिया है, लेकिन सरकार समर्थकों और विशेषज्ञों ने इसे युवा-केंद्रित, मैन्युफैक्चरिंग-प्रेरित और फिस्कल डिसिप्लिन के साथ विकास का मजबूत आधार बताया है। कुल मिलाकर, बजट युवा शक्ति-प्रेरित है, जो मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, बायोफार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश के साथ भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के लिए यह बजट अवसरों से भरा हुआ है, जो प्रदेश की प्रगति को नई गति देगा।

 

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